विजय की करूर रैली में भगदड़ की CBI जांच पर फैसला 13 अक्टूबर को आएगा

तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से राजनेता बने टीवीके प्रमुख विजय की रैली में हुई भगदड़ की घटना को लेकर अब देश की सर्वोच्च अदालत फैसला सुनाने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट 13 अक्टूबर को यह तय करेगा कि इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी जाएगी या नहीं। इस मामले ने राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों को हिला कर रख दिया था।
गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले करूर में विजय की राजनीतिक पार्टी तमिऴग विदुथलाई काची (TVK) की एक बड़ी रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। इस घटना ने राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। विपक्षी दलों ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।
तमिलनाडु सरकार ने हालांकि राज्य पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) गठित की थी, जिसने अब तक कई अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की है। लेकिन पीड़ित परिवारों और विपक्ष का कहना है कि राज्य एजेंसियां निष्पक्ष जांच नहीं कर पा रही हैं। यही कारण है कि अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है।
विजय ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि यह हादसा “अफसोसजनक और अविस्मरणीय त्रासदी” है। साथ ही उन्होंने वादा किया था कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए वह खुद न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अदालत से आग्रह किया कि राज्य सरकार की जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए सीबीआई जांच आवश्यक है। दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि पुलिस जांच पारदर्शी ढंग से चल रही है और सीबीआई जांच की कोई आवश्यकता नहीं है।
अब सबकी निगाहें 13 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब सुप्रीम कोर्ट इस संवेदनशील मामले पर अपना फैसला सुनाएगा। यह निर्णय न केवल इस हादसे से जुड़े परिवारों के लिए बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के लिए भी अहम साबित होगा।





