31 मार्च से ड्रग्स के खिलाफ चलेगा तीन साल का राष्ट्रव्यापी अभियान, शाह बोले- युवाओं को बचाने का होगा हर संभव प्रयास

दिल्ली। देश में बढ़ते नशे के खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को घोषणा की कि 31 मार्च से ड्रग्स के खिलाफ तीन साल का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान नारको-कोआर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) के माध्यम से चलाया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय, राज्य सरकारें और कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।
एनसीओआरडी की 9वीं शीर्ष स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इस सामूहिक अभियान के तहत नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ स्पष्ट लक्ष्य तय किए जाएंगे और उनकी समयबद्ध समीक्षा भी होगी। उन्होंने बताया कि यह अभियान नक्सलवाद को समाप्त करने की समय सीमा 31 मार्च के तुरंत बाद शुरू किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने अमृतसर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) कार्यालय का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।
शाह ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे 31 मार्च तक ड्रग्स के खिलाफ एक ठोस रोडमैप तैयार करें, निगरानी तंत्र स्थापित करें और इस दिशा में पूरी ताकत झोंक दें। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में हर मोर्चे पर नशीली दवाओं के नेटवर्क पर हमला करना होगा और भारत को ‘नशा मुक्त’ बनाना होगा।
गृह मंत्री ने दो टूक कहा कि नशीली दवाओं के निर्माण और बिक्री में शामिल लोगों के प्रति किसी तरह की सहानुभूति नहीं बरती जाएगी। उन्होंने सभी राज्यों के डीजीपी से अपने-अपने राज्यों के लिए 2029 तक का विस्तृत रोडमैप तैयार करने की अपील की।
शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में विश्व में नंबर एक बनाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए युवा पीढ़ी को नशे से बचाना बेहद जरूरी है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2004 से 2013 के बीच जहां 26 लाख किलो ड्रग्स जब्त की गई थीं, वहीं 2014 से 2025 के दौरान 1.11 लाख किलो ड्रग्स जब्त की गई हैं, जिनकी कीमत 1.71 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।





