बृजभूषण सिंह के खिलाफ गवाही देने आई महिला पहलवान की तबीयत बिगड़ी, अगली सुनवाई 12 सितंबर को 

नई दिल्ली : दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज मामले की सुनवाई टाल दिया है. एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत ने मामले की अगली सुनवाई 12 सितंबर को करने का आदेश दिया.दरअसल आज इस मामले में अपने बयान दर्ज कराने पहुंची एक महिला पहलवान की तबीयत खराब हो गई जिसके बाद सुनवाई टाल दी गई.

बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर कोर्ट में पेश

आज सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर कोर्ट में पेश हुए. 30 अगस्त को सुनवाई के दौरान महिला पहलवानों की सुरक्षा हटाए जाने पर दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील अतुल श्रीवास्तव ने कहा था कि ऐसा गलतफहमी की वजह से हुआ है और गलती ठीक कर ली गई है.

विनेश फोगाट ने महिला पहलवानों की सुरक्षा हटाने का उठाया था सवाल

बता दें कि पहलवान विनेश फोगाट ने 22 अगस्त को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा था कि गवाही के पहले महिला पहलवानों की सुरक्षा हटाई जा रही है. इस पर दिल्ली पुलिस ने भी सफाई दी थी.सुनवाई के दौरान पीड़ित पहलवानों की ओर से कोर्ट में गवाहों के बयान को अलग कमरे में करने की मांग की थी जिसका बृजभूषण के वकील ने विरोध किया था. तब कोर्ट ने कहा कि यह पीड़िता पर निर्भर है. अगर वह अलग कमरे में बयान देने में सहज है तो उसकी बात वहीं सुनी जाएगी.अगर वह कोर्ट रुम में सहज है तो हम बंद कमरे में कार्यवाही का आदेश देंगे.

6 अगस्त को जांच में शामिल महिला पुलिसकर्मी रश्मि का बयान दर्ज

6 अगस्त को इस मामले की जांच में शामिल एक महिला पुलिसकर्मी रश्मि का बयान दर्ज किया गया था. रश्मि का बृजभूषण शरण सिंह के वकील राजीव मोहन ने क्रास-एग्जामिनेशन किया था. बता दें कि 26 जुलाई से कोर्ट ने इस मामले का ट्रायल शुरु किया था. 26 जुलाई को कोर्ट ने मामले की जांच से जुड़े एक कांस्टेबल के बयानों को दर्ज किया.

जो सच है वह सामने आएगा-विनोद तोमर

21 मई को बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर ने कोर्ट से कहा था कि वे ट्रायल का सामना करेंगे. दोनों ने मामले में कोर्ट द्वारा तय आरोपों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि कोई गलती नहीं किया है तो मानने का सवाल ही नहीं है. सुनवाई के दौरान विनोद तोमर ने कोर्ट में कहा कि हमारे पास सबूत हैं. अगर दिल्ली पुलिस सही से जांच करती तो सच सामने आता. हमने कभी किसी को घर पर नहीं बुलाया, जो सच है वह सामने आएगा.

छह में से 5 महिला पहलवान के मामले में आरोप तय करने का आदेश

बता दें कि 10 मई को कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने छह में से पांच महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए आरोपों पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था जबकि एक महिला पहलवान के आरोपों के मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया था. कोर्ट ने पांच महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354ए और 506 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था.कोर्ट ने इस मामले के सह आरोपी और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था.

7 सितंबर 2022 को घटना वाले दिन भारत में नहीं था-बृजभूषण

बता दें कि राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 26 अप्रैल को बृजभूषण शरण सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया था. जिसमें बृजभूषण ने इस मामले की फिर से जांच की मांग की थी. 18 अप्रैल को बृजभूषण शरण सिंह की ओर से याचिका दाखिल कर कहा गया था कि 7 सितंबर 2022 को घटना वाले दिन वह भारत में नहीं था.बृजभूषण ने इस तथ्य की दिल्ली पुलिस से जांच करने का आदेश देने की मांग की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था.बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न में चार्जशीट दाखिल

कोर्ट ने 4 अप्रैल को आरोप तय करने के मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने 20 जुलाई 2023 को बृजभूषण शरण सिंह और सह आरोपी विनोद तोमर को जमानत दी थी. बता दें कि 7 जुलाई 2023 को कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. 15 जून 2023 को दिल्ली पुलिस ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था. चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354डी, 354ए और 506 (1) के तहत आरोप लगाए गए हैं. दिल्ली पुलिस ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ छह बालिग महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले में चार्जशीट दाखिल किया ‌‌‌‌है.

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