बेटी की मौत और कर्ज़ का दोहरा सदमा: हैदराबाद में पूरे परिवार ने एक साथ दे दी जान

हैदराबाद के अंबरपेट स्थित मल्लिकार्जुन नगर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि परिवार अपनी बड़ी बेटी की हाल ही में हुई मौत के बाद गहरे सदमे में था। इस दुख ने आर्थिक तंगी के साथ मिलकर हालात ऐसे बना दिए कि पति, पत्नी और दस वर्षीय बेटी ने मिलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें परिवार ने मौत को चुनने के पीछे के कारण लिखे हैं।
जानकारी के अनुसार, मृतक श्रीनिवास अपने परिवार के साथ कुछ समय पहले ही अंबरपेट में शिफ्ट हुआ था। इसकी वजह यह थी कि उनकी बड़ी बेटी काव्या ने कुछ महीनों पहले स्वास्थ्य संबंधी कारणों से आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने पूरे परिवार को अंदर तक तोड़ दिया था। पड़ोसियों के मुताबिक, बेटी की मौत के बाद से श्रीनिवास और उसकी पत्नी विजयलक्ष्मी अक्सर यह कहते सुने जाते थे कि “ईश्वर उन्हें बुला रहा है।” परिवार आर्थिक संकट से भी जूझ रहा था और मानसिक रूप से बेहद टूट चुका था।
दो दिनों तक जब परिवार घर से बाहर नहीं निकला तो रिश्तेदारों ने चिंता में उनके घर का रुख किया। दरवाजा खोलने पर भीतर का दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए। श्रीनिवास का शव मेन गेट के वेंटिलेशन से लटका मिला, जबकि उसकी पत्नी विजयलक्ष्मी और दस वर्षीय बेटी श्रव्या ने कमरे की खिड़की की लोहे की छड़ से साड़ी के सहारे फांसी लगा ली थी। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मौके से मिले सुसाइड नोट में दंपति ने लिखा है कि वे अपनी बड़ी बेटी के पास जा रहे हैं और अब इस दुनिया में उनके लिए कुछ नहीं बचा। परिजन और पड़ोसी दोनों ही इस घटना से सदमे में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार अक्सर अकेले में रोता था और बेटी की मौत को भूल नहीं पा रहा था।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति, मानसिक तनाव और अन्य कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। यह घटना समाज को गहरा संदेश देती है कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और समय पर मदद कितनी जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।





