नवंबर में वायुसेना को मिलेंगे 2 तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट, 2028 तक पूरे होंगे 83 विमान

दिल्ली। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) नवंबर 2025 में भारतीय वायुसेना को दो तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट सौंपेगी। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी को अमेरिकी रक्षा कंपनी जीई एयरोस्पेस से एक इंजन मिल चुका है, जबकि दूसरा इंजन अगले 15 दिनों में मिलने की उम्मीद है।
फरवरी 2021 में सरकार ने HAL के साथ 83 तेजस मार्क-1ए विमान खरीदने के लिए 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था। हालांकि, इंजन की सप्लाई में देरी के कारण अब तक एक भी विमान वायुसेना को नहीं मिल पाया। योजना है कि 2028 तक सभी विमान वायुसेना को सौंप दिए जाएंगे।
LCA मार्क-1ए, तेजस का अपग्रेडेड वर्जन है। इसमें आधुनिक एवियॉनिक्स और रडार सिस्टम लगाए गए हैं और 65% से ज्यादा उपकरण भारत में बने हैं। यह हल्का, सिंगल इंजन लड़ाकू विमान है जिसे HAL ने ही विकसित किया है। केंद्र सरकार ने हाल ही में 97 नए LCA मार्क-1ए खरीदने के लिए ₹62 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी भी दी है।
HAL के चेयरमैन डीके सुनील ने कहा कि डिलीवरी में देरी इंडस्ट्री की वजह से नहीं, बल्कि तकनीकी खामियों के कारण हुई थी, जिन्हें अब दूर कर लिया गया है। HAL के पास 2028 तक पहले ऑर्डर के तहत सभी 83 एयरक्राफ्ट सौंपने का समय है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, LCA मार्क-1ए वायुसेना के MiG-21 बेड़े को रिप्लेस करेगा। 62 साल तक सेवा देने के बाद MiG-21 लड़ाकू विमान 19 सितंबर को रिटायर हो जाएगा। नए LCA विमानों को राजस्थान के बीकानेर स्थित नाल एयरबेस पर तैनात करने की योजना है। इसे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और “मेक-इन-इंडिया” पहल की बड़ी सफलता माना जा रहा है।





