डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा 10 बिस्तरी शासकीय अस्पताल, दोपहर बाद ठप हो जाता है इलाज

करोड़ों रुपए की लागत से बने 10 बिस्तरी शासकीय अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं होने के बावजूद डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। दोपहर बाद अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते, जिससे इलाज लगभग ठप हो जाता है और मरीजों को करीब 5 किलोमीटर दूर अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

अस्पताल भवन में ईसीजी मशीन, एक्सरे कक्ष, मेजर ऑपरेशन थिएटर और पैथोलॉजी लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण इनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा। हाल ही में एक कर्मचारी को उल्टी और चक्कर की शिकायत पर यहां लाया गया, लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं होने से उसे अन्य अस्पताल रेफर करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, पहले यहां प्रतिदिन 40 से 50 मरीज ओपीडी में आते थे, लेकिन अब सुबह के समय 10 से 20 मरीज ही पहुंचते हैं। दोपहर बाद डॉक्टर न मिलने के कारण अस्पताल लगभग खाली हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल एक डॉक्टर बॉन्ड पर पदस्थ हैं। उनकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे के बाद अन्य स्थान पर लगा दी जाती है, जिससे अस्पताल डॉक्टरविहीन हो जाता है। स्टाफ नर्स, एनएम, लैब टेक्नीशियन और अन्य पद स्वीकृत होने के बावजूद कई पद खाली या अन्यत्र संलग्न हैं।

फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में स्टाफ नर्स ही मरीजों की प्राथमिक जांच कर दवा दे रही हैं। गंभीर मामलों में मरीजों को अन्य अस्पताल रेफर किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में बॉन्ड पर एक डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है और स्थिति की जानकारी लेकर समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।

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