ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकियों ने बदला ठिकाना, अब खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय

भारतीय सेना की कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठन अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को सुरक्षित जगह नहीं मान रहे हैं। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इन संगठनों ने अपने ठिकाने POK से हटाकर खैबर पख्तूनख्वा में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, इस पूरे काम में पाकिस्तानी सरकारी एजेंसियों की भी मदद मिल रही है। हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद ने कुछ सभाएं आयोजित की थीं, जिनमें पुलिस द्वारा सुरक्षा दी गई थी। इतना ही नहीं, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) जैसे राजनीतिक-धार्मिक संगठनों की भी अप्रत्यक्ष भूमिका सामने आई है। यह संकेत करता है कि पाकिस्तान की सरकार और उससे जुड़ी संस्थाएं आतंकियों को सहयोग कर रही हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद समेत कई ठिकानों पर प्रहार किए थे। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कई शिविर तबाह हुए। यहां तक कि जैश सरगना मसूद अजहर के परिवार को भी नुकसान पहुंचा था। लश्कर के एक कमांडर ने स्वीकार किया कि 7 मई को हुए भारतीय हमलों ने उनके ठिकानों को गहरी चोट पहुंचाई।
दरअसल, यह ऑपरेशन उस आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था जिसमें पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान की जमीन पर बैठे आतंकी ढांचों को ध्वस्त करने की रणनीति अपनाई। अब खुफिया रिपोर्ट बताती है कि आतंकी संगठन अफगानिस्तान से नजदीकी और भौगोलिक स्थिति के कारण खैबर पख्तूनख्वा को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह बदलाव इस बात का सबूत है कि आतंकवादी संगठन भारतीय सेना की कार्रवाइयों से बुरी तरह दबाव में हैं और उन्हें अपने ठिकाने बदलने पर मजबूर होना पड़ रहा है।





