तिल्दा में सट्टा माफिया का आतंक, पुलिस और नेताओं की मिलीभगत से आम जनता परेशान

तिल्दा (रायपुर)। तिल्दा सिंधी कॉलोनी इलाके में सट्टा माफिया और अवैध गतिविधियों का बोलबाला है। इलाके में ब्यूटी पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट और सट्टा कारोबार खुलेआम चल रहा है। खास बात यह है कि इन अवैध धंधों के पीछे कुछ पाकिस्तानी मूल के माफिया और उनके पार्षद बेटे शामिल हैं, जो सत्ता और पुलिस के संरक्षण में बेखौफ अपना गोरखधंधा चला रहे हैं।
स्थानीय जैन परिवार ने माफिया जीतू और उसके पिता नंदू लालवानी के खिलाफ आवाज उठाई, तो उल्टा उनके ही ऊपर केस दर्ज कर दिया गया। मिलिंद जैन नामक युवक के साथ सड़क पर मारपीट की गई और उसे पीटा एक्ट के तहत फंसा दिया गया। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से की, जिस पर राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ सरकार को जांच के निर्देश भी दिए। बावजूद इसके, तिल्दा पुलिस ने अभी तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
जानकारी के मुताबिक, तिल्दा के अलावा प्रदेश के कई इलाकों में भी पाकिस्तान से आए माफिया महादेव ऐप, गणपति ऐप और सिद्धि विनायक ऐप के जरिए सट्टे का अवैध कारोबार चला रहे हैं। इन सट्टा किंग्स में से कई अब पार्षद बन चुके हैं और राजनीतिक संरक्षण में अपना साम्राज्य फैला रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और छुटभैय्ये नेता मिलकर इन माफियाओं को बचाते हैं। पुलिस पर दबाव डालकर मामूली धाराओं में कार्रवाई होती है और कुछ ही दिन में आरोपी रिहा हो जाते हैं।
अब सवाल ये है कि छत्तीसगढ़ में इस तरह के पाकिस्तानी सट्टा कारोबारियों और सेक्स रैकेट चलाने वालों पर सरकार कब सख्त कदम उठाएगी? क्या पुलिस और नेताओं की मिलीभगत के चलते आम जनता इसी तरह डर के साये में जीती रहेगी?
सबूत के तौर पर ऑडियो, वीडियो और दस्तावेज भी हैं – जो इस पूरे नेटवर्क को उजागर करते हैं। आने वाले अंकों में इन माफियाओं की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।





