Tala Festival: ताला महोत्सव के दूसरे दिन अरुण साव का दौरा,संस्कृति और विकास का संदेश
200 करोड़ की सड़कों से बदलेगा बिल्हा क्षेत्र का भविष्य

बिलासपुर जिले के तालागांव में तीन दिवसीय ताला महोत्सव का अयोजन किया जा रहा है। (Tala Festival) जिसके दूसरे दिन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। मनियारी नदी के तट पर बसे ऐतिहासिक ताला गांव में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि ताला गांव की पहचान देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में है। देवरानी-जेठानी मंदिर और रुद्र शिव की अद्भुत प्रतिमा ने बिलासपुर और छत्तीसगढ़ को अलग पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षेत्र के संरक्षण और विकास के लिए राज्य सरकार पूरी तरह वचनबद्ध है।
महोत्सव के मंच से विकास की घोषणा, ताला गांव को मिलेगी नई पहचान, (Tala Festival)
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये से अधिक के 8 बड़े सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। यह क्षेत्र के विकास की बड़ी उपलब्धि है। जो सड़कें शेष हैं, उन्हें भी स्वीकृत कर अगले तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार लगातार पूरा कर रही है। हाल ही में महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी की गई, जिससे महिलाओं के खातों में एक-एक हजार रुपये जमा हुए हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि इस वर्ष दिन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत एक सराहनीय पहल है, जिससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने रुद्र शिव की प्रतिमा को विश्व में अद्वितीय बताया और मंदिर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण व सड़क निर्माण की मांग रखी।ताला महोत्सव में संस्कृति, विकास और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।





