राज्य मानसिक चिकित्सालय का औचक निरीक्षण: अस्पताल में दिए गए जरूरी निर्देश

बिलासपुर
राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी का औचक निरीक्षण डॉ. प्रियंका शुक्ला ने किया, जहां उन्होंने अस्पताल की विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. शुक्ला ने कहा कि यह प्रदेश का एकमात्र मानसिक चिकित्सालय है, जिसे क्वालिटी एश्योरेंस पैरामीटर के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए एक विशेष निरीक्षण टीम गठित करने का निर्णय लिया गया है।
निरीक्षण में की गई प्रमुख अनुशंसा
निरीक्षण के दौरान डॉ. प्रियंका शुक्ला ने अस्पताल के प्रवेश द्वार के निर्माण, सूचक बोर्ड की व्यवस्था और भवन के रंग-रोगन के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंता को निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के समग्र ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करने की बात की, ताकि मरीजों को और अधिक सुविधा मिल सके।
डॉ. शुक्ला ने यह भी पाया कि अस्पताल में पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन व्यवस्थित ड्यूटी रोस्टर की कमी है। उन्होंने ड्यूटी रोस्टर को शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों की देखभाल अधिक व्यवस्थित और सुचारू रूप से हो सके।
नर्सिंग छात्रों के लिए तीन पालियों में ड्यूटी का निर्देश
उन्होंने नर्सिंग छात्र-छात्राओं की तीन पालियों में ड्यूटी निर्धारित करने का निर्देश दिया, जिससे अस्पताल में हर समय मरीजों की देखभाल सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने अस्पताल परिसर में ही मरीजों की जांच सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
संवेदनशील व्यवहार अपनाने की अपील
डॉ. शुक्ला ने अस्पताल के स्टाफ से कहा कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूति से पेश आएं, ताकि मरीजों को मानसिक और शारीरिक रूप से बेहतर इलाज मिल सके।
इस निरीक्षण में डॉ. कमलेश जैन, डॉ. सुरेश तिवारी, डॉ. प्रमोद तिवारी, और डॉ. प्रभु चौधरी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।





