सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश: हाईवे पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटेगा, सड़क सुरक्षा को मिला बड़ा जोर

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में हाईवे सुरक्षा को लेकर बड़े और सख्त निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि सुरक्षित सड़क यात्रा करना हर नागरिक का अधिकार है और यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि हाईवे पर अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अनधिकृत ढाबों को तुरंत हटाया जाए। साथ ही बिना अनुमति के नए ढाबे या किसी भी तरह के व्यावसायिक निर्माण पर रोक लगा दी गई है।
हाईवे पर क्या-क्या बदल जाएगा?
अब कोई भी भारी या कमर्शियल वाहन हाईवे पर कहीं भी खड़ा नहीं हो सकेगा। सिर्फ तय जगहों (ले-बाय) पर ही गाड़ियां रुक सकेंगी। इसके लिए GPS, कैमरा और ई-चालान सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।
सुरक्षा के लिए खास कदम:
- हर कुछ दूरी पर एम्बुलेंस और ट्रकों के लिए ठहरने की सुविधा
- दुर्घटना संभावित “ब्लैकस्पॉट” की पहचान और सुधार
- बेहतर लाइटिंग और निगरानी व्यवस्था
- हर जिले में हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स का गठन
कोर्ट ने कहा कि अगर लापरवाही या खराब व्यवस्था की वजह से एक भी जान जाती है, तो यह सरकार की बड़ी नाकामी मानी जाएगी।
समयसीमा भी तय:
- 60 दिनों के अंदर अवैध निर्माण हटाने होंगे
- 75 दिनों में सरकार को रिपोर्ट देनी होगी
- 15 दिनों में टास्क फोर्स बनानी होगी
कुल मिलाकर, इन निर्देशों का मकसद देश में सड़क हादसों को कम करना और लोगों की यात्रा को सुरक्षित बनाना है।





