भिलाई आईआईटी में छात्र की मौत: डॉक्टर की लापरवाही उजागर, प्रबंधन ने की निलंबन की कार्रवाई

भिलाई आईआईटी में मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम निवासी छात्र सौमिल साहू की मौत डॉक्टर की लापरवाही के कारण हुई बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, संस्थान में पांचवां दीक्षांत समारोह चल रहा था, जिसके चलते सारा प्रशासनिक तंत्र समारोह की तैयारियों में व्यस्त था। इस दौरान हेल्थ सेंटर में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। अचानक दो छात्रों की तबीयत बिगड़ी, जिनमें से सौमिल की हालत गंभीर थी।
बताया जा रहा है कि सौमिल चार बार हेल्थ सेंटर गया, लेकिन तीन बार डॉक्टर नहीं मिला। जब आखिरकार डॉक्टर से मिला, तो उसने बिना जांच किए ही पैरासिटामॉल और ओआरएस देकर भेज दिया। इसके अगले दिन छात्र की तबीयत और बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। वहीं, दूसरा छात्र जो बीमार हुआ था, फिलहाल आईसीयू में भर्ती है और अब खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
घटना के बाद छात्रों में आक्रोश फैल गया और कैंपस में दो दिनों से लगातार प्रदर्शन जारी है। छात्रों का आरोप है कि आईआईटी प्रशासन ने इलाज में घोर लापरवाही बरती। प्रबंधन ने प्रथम दृष्टया डॉक्टर को दोषी मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आईआईटी प्रशासन ने 9 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है, जिसमें एम्स के डॉक्टर, कलेक्टर द्वारा नियुक्त चिकित्सक, छात्र प्रतिनिधि समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। यह समिति 15 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच कमेटी यह पता लगाएगी कि आखिरकार लापरवाही कैसे हुई, कौन जिम्मेदार था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
यह घटना आईआईटी भिलाई के हेल्थ सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है और छात्रों ने अब स्थायी चिकित्सक नियुक्ति तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग उठाई है।





