रायपुर में अब अवैध होर्डिंग्स पर सख़्ती, पहले दी जाएगी चेतावनी फिर लगेगा जुर्माना

रायपुर। नगर निगम ने शहर में अवैध प्रचार सामग्री और नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की रकम तय कर दी है। लेकिन आम लोगों को अब तक इन नियमों और जुर्मानों की जानकारी नहीं है। इसलिए निगम अब ज़ोन स्तर पर नियमों और दंड की जानकारी लोगों तक पहुंचाएगा, ताकि लोग पहले से सचेत रहें।
महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों से कहा है कि राजस्व बढ़ाना ज़रूरी है, लेकिन नागरिकों को बेवजह परेशान न किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि पहले नियमों की जानकारी दें, पहली बार चेतावनी दें, फिर समझाएं और उसके बाद ही जुर्माना लगाया जाए।
नगर निवेश अधिकारी ने बताया कि निगम की सीमा में कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के किसी भी दीवार, वाहन, सार्वजनिक या निजी संपत्ति पर पोस्टर, बैनर या होर्डिंग नहीं लगा सकता। सिर्फ़ पंजीकृत एजेंसियों को नियम के मुताबिक अनुमति दी जाती है। निजी संपत्ति के लिए अनुमति एक साल के लिए होती है और नवीनीकरण कराया जा सकता है। अस्थायी विज्ञापन के लिए एक महीने की अनुमति होती है।
अगर नियम तोड़े गए तो 50 हजार से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और 10 हजार रुपये तक हटाने का शुल्क लिया जाएगा।
लोगों के बीच अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ये जुर्माना राजनीतिक दलों और उनके नेताओं पर भी लगाया जाएगा? क्योंकि शहर में सबसे ज़्यादा अवैध होर्डिंग्स राजनीतिक पार्टियों के ही दिखाई देते हैं।





