फर्जी खबरों पर लगाम: मौलाना इकबाल को बताया गया आतंकी, पुलिस ने किया खंडन

पुंछ | 08 मई 2025
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी गोलाबारी में मारे गए मौलाना इकबाल किसी भी आतंकवादी संगठन से जुड़े नहीं थे, बल्कि वे क्षेत्र के एक सम्मानित धार्मिक व्यक्ति थे। पुलिस ने सोशल मीडिया और कुछ मीडिया संस्थानों पर फैल रही उन खबरों को भ्रामक और बेबुनियाद बताया जिनमें इकबाल को आतंकवादी बताया गया था।
पुंछ जिले के मंडी तहसील के बैला गांव निवासी मौलाना इकबाल की मौत बुधवार को हुई थी जब पाकिस्तान की ओर से की गई भारी गोलाबारी में उनका मदरसा ‘जिया-उल-उलूम’ निशाना बना। इस हमले में एक गुरुद्वारा और मंदिर भी क्षतिग्रस्त हुए, जबकि कुल 13 लोगों की जान गई जिनमें एक सैनिक, चार बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल थीं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मौलाना इकबाल एक कुख्यात आतंकी थे और भारत की जवाबी मिसाइल कार्रवाई में मारे गए। इन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस ने कहा कि यह दावा पूरी तरह झूठा है और इसका कोई सबूत नहीं है।
पुलिस ने अपने बयान में कहा, “पुंछ पुलिस इस तरह के झूठे दावों का खंडन करती है। मृतक (इकबाल) क्षेत्र में एक सम्मानित धार्मिक शख्सियत थे जिनका किसी भी आतंकवादी गतिविधि से कोई संबंध नहीं था। इस तरह की झूठी रिपोर्टिंग से न केवल अनावश्यक भय फैलता है, बल्कि मृतक की गरिमा और उनके परिवार की भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है।”
पुलिस ने मीडिया संस्थानों और पत्रकारों से अपील की है कि वे सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने से पहले अधिकृत स्रोतों से जानकारी की पुष्टि जरूर करें। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कोई मीडिया संस्थान या व्यक्ति इस तरह की फर्जी खबरों के प्रसारण में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





