GDP की ताकत से शेयर बाजार ने रचा इतिहास, निवेशकों को हुआ 3 लाख करोड़ का मुनाफा

सरकार द्वारा जारी दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों के मजबूत प्रदर्शन के बाद शेयर बाजार ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ हो चुका है।
महीने के पहले कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 452.35 अंकों की बढ़त के साथ 86,159.02 के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं सेंसेक्स 86,065.92 पर खुला था और शुरुआती ट्रेडिंग में 86,150 के पार पहुंचते हुए मजबूती से आगे बढ़ा। पिछले सत्र में सेंसेक्स 85,706.67 पर बंद हुआ था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य सूचकांक निफ्टी भी 123 अंकों की तेजी के साथ 26,325.80 तक पहुंच गया, जो इसका नया लाइफ टाइम हाई है। निफ्टी भी रिकॉर्ड स्तर 26,300 के पार कारोबार करता दिखा और 26,325.80 पर ही ओपन हुआ था। इससे पहले निफ्टी 26,202.95 के स्तर पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा मोटर्स, एसबीआई, टाटा स्टील और एचसीएल टेक में सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया, जिनमें 1 फीसदी से अधिक की वृद्धि देखी गई। जबकि बजाज फाइनेंस, आईटीसी और टाइटन कंपनी जैसे शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी क्रमशः 0.4% और 0.6% की तेजी के साथ बढ़त बनाते दिखे।
अमेरिकी बाजारों में थैंक्सगिविंग के बाद टेक और रिटेल शेयरों में मजबूती के कारण तेजी रही। डॉव जोन्स 0.61%, एसएंडपी 500 0.54% और नैस्डैक 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुए। एशियाई व्यापार की शुरुआत भी स्थिर रही, हालांकि जापान का निक्केई 1.3% गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि एमएससीआई एशिया-प्रशांत सूचकांक 703.19 पर स्थिर रहा।
वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में 0.2% की गिरावट दर्ज की गई और यह 4,221.68 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी में रिकॉर्ड तेजी देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में भी लगभग 1% की बढ़त दर्ज की गई, जिससे ब्रेंट क्रूड 62.99 डॉलर प्रति बैरल और यूएस वेस्ट टेक्सास 59.12 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।
संस्थागत निवेशकों की गतिविधि में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,795 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू निवेशकों ने 4,148 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इससे साफ है कि जीडीपी के मजबूत संकेतों ने घरेलू बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
इस बीच रुपये की शुरुआती चाल फ्लैट रही, लेकिन कच्चे तेल में तेजी और विदेशी बिकवाली के चलते मुद्रा पर दबाव दिख रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि ट्रेडिंग के दौरान रुपये में गिरावट देखने को मिल सकती है।





