मणिपुर हिंसा से बिगड़े हालात: हाईवे बंद, जरूरी सामान और दवाइयों की भारी कमी; 5 जिलों में इंटरनेट बंद

मणिपुर। मणिपुर में पिछले साल मई से जारी कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा ने हालात को गंभीर बना दिया है। हाल ही में हुई हिंसा के बाद चुराचांदपुर और इंफाल जैसे जिलों में हालात और बिगड़ गए हैं। नेशनल हाईवे-2 और 37 के बंद होने से राज्य में जरूरी सामानों की आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे महंगाई चरम पर है। खासकर दवाइयों की भारी किल्लत देखी जा रही है।

हाईवे बंद होने से अब जरूरी सामान मिजोरम के रास्ते लाए जा रहे हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ गया है और इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पहले जैसी स्थिति नहीं रही, और रोजमर्रा की चीजें भी मुश्किल से मिल रही हैं। 7 जून की रात मणिपुर में तब हिंसा भड़क उठी, जब मैतेई संगठन ‘अरम्बाई टेंगोल’ के नेता कानन सिंह को गिरफ्तार किया गया। इसके विरोध में इंफाल की सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर और फर्नीचर जलाए, बसों और गाड़ियों में आग लगा दी। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। कुछ ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश तक की।

इसके बाद प्रशासन ने इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट सेवा पांच दिनों के लिए बंद कर दी है। वहीं, इंफाल ईस्ट और बिष्णुपुर में कर्फ्यू लगाया गया है। मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है। उम्मीद की जा रही है कि 15 जून तक राज्य में नई सरकार का गठन हो सकता है, जिससे स्थिति सामान्य होने की संभावना है।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button