नागपुर में सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थिति सामान्य, कर्फ्यू हटा

नागपुर में 17 मार्च को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात अब सामान्य हो गए हैं। शहर में 23 मार्च को दोपहर 3 बजे पूरी तरह से कर्फ्यू हटा लिया गया है। हालांकि, पुलिस अब भी संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बनाए हुए है।

17 मार्च की रात नागपुर में दो समूहों के बीच हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में एक व्यक्ति की जान चली गई और कई वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। 20 दोपहिया वाहन, 40 चार पहिया वाहन और 2 क्रेनें आग के हवाले कर दी गईं। इसके अलावा कई घर भी जलकर खाक हो गए।

105 लोगों की गिरफ्तारी, सोशल मीडिया पर भी नजर

इस हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक 105 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं। पुलिस ने उन लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो पोस्ट किए थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में हामिद इंजीनियर और मोहम्मद शहजाद खान का नाम प्रमुख है।

मुख्यमंत्री ने दी स्थिति सामान्य होने की जानकारी

राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 23 मार्च की दोपहर 3 बजे से नागपुर में पूरी तरह से कर्फ्यू हटा लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब शहर में स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रह रहे हैं।

व्यापार को हुआ 250 करोड़ का नुकसान

हिंसा और कर्फ्यू के कारण नागपुर में लगभग 250 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ। महल, गांधीबाग और इतवारी जैसे इलाकों में पुलिस की कड़ी निगरानी के कारण व्यापार ठप्प हो गया था। अब धीरे-धीरे बाजार खुलने लगे हैं और यातायात भी सामान्य हो रहा है।

हालांकि, पुलिस ने कर्फ्यू हटा लिया है, लेकिन संवेदनशील इलाकों में अभी भी नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से महल, गांधीबाग और इतवारी जैसे प्रमुख बाजार क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति जारी है। सुरक्षा व्यवस्था में भी स्थिति के अनुसार बदलाव किया जाएगा।

शहर लौट रहा है सामान्य स्थिति की ओर

हिंसा के बाद नागपुर शहर में जनजीवन पूरी तरह से ठप्प हो गया था। अब जब कर्फ्यू हटा लिया गया है, तो लोग धीरे-धीरे अपने काम-काज में लौट रहे हैं और बाजारों में रौनक लौट रही है। पुलिस प्रशासन की निगरानी के बीच शहर का माहौल अब पूरी तरह शांतिपूर्ण है।

 

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