कांग्रेस से अलग राह बना रहे हैं शशि थरूर? पार्टी बैठकों से दूरी, पीएम मोदी की तारीफ से बढ़े सियासी संकेत

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पार्टी नेतृत्व और रणनीतिक बैठकों से लगातार दूरी के बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सोनिया गांधी के नेतृत्व में बुलाई गई रणनीतिक बैठक में थरूर शामिल नहीं हुए। इससे पहले एसआईआर और अन्य अहम मुद्दों पर आयोजित कांग्रेस की बैठकों में भी उनकी गैरमौजूदगी दर्ज की गई थी।
हाल के महीनों में थरूर के बयान कांग्रेस की पारंपरिक राजनीति से अलग नजर आए हैं। रामनाथ गोयनका लेक्चर के दौरान थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को आर्थिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक चेतना का संयोजन बताते हुए प्रशंसा की। उन्होंने भारत की आर्थिक दिशा और विरासत को वैश्विक गौरव के साथ प्रस्तुत करने के लिए पीएम मोदी की सराहना की। इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई और पार्टी नेताओं ने उनके दृष्टिकोण पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।
थरूर की मोदी प्रशंसा सोशल मीडिया पर पहले भी चर्चा का विषय रही है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि थरूर को सरकार की नीतियां देशहित में लगती हैं और वह कांग्रेस की लाइन से अलग हैं, तो उन्हें पार्टी की विचारधारा पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब वह कांग्रेस की नीतियों से सहमत नहीं हैं, तो पार्टी में बने रहने का औचित्य क्या है।
वहीं, भाजपा नेताओं ने थरूर के कुछ विचारों का स्वागत किया है। हाल ही में थरूर ने वंशवाद की राजनीति को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया था और कहा कि भारत को मेरिट आधारित नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहिए। इस बयान के बाद भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि यह सोच भारतीय राजनीति में परिवारवाद की जगह प्रतिभा आधारित व्यवस्था की मांग को मजबूत करती है।
थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाक संघर्ष के दौरान सरकार की रणनीति की प्रशंसा भी की थी, जबकि उसी समय कांग्रेस नेतृत्व केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े कर रहा था। ऐसे में उनके बदले तेवर को राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस से उनके बढ़ते वैचारिक अंतर के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
इन घटनाओं के बीच कांग्रेस के भीतर इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि थरूर पार्टी की मुख्यधारा की राजनीति से कितने दूर जा रहे हैं और आने वाले समय में उनकी राजनीतिक दिशा किस करवट मोड़ेगी।





