दिल्ली में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोका गया, गौरक्षा पर भड़के

दिल्ली: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को दिल्ली में गौरक्षा के मुद्दों पर राजनीतिक दलों से मिलने की कोशिश की। लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें नरेला में रोक दिया, जिससे वे नाराज हो गए। उन्होंने कहा, “देश में आप गाय की बात ही नहीं कर सकते। गौ माता के भक्तों को अपनी बात जारी रखनी पड़ेगी। अगर ट्रक नहीं हटता है तो हम गाड़ी छोड़ कर आगे बढ़ेंगे।”

पुलिस ने रोका, शंकराचार्य नाराज

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद रामलीला मैदान में गौरक्षा के मुद्दे पर धरना देना चाहते थे। लेकिन कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए उन्हें अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से व्यक्तिगत रूप से मिलने का फैसला किया। जब वे दिल्ली में नेताओं से मिलने आ रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें नरेला में रोक दिया।

“सच्चा हिंदू गौहत्या बर्दाश्त नहीं कर सकता”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि नेता भले ही गायों की रक्षा करने का दावा करते हों, लेकिन सच्चाई यह है कि हर दिन लगभग 80,000 गायों का वध होता है। उन्होंने कहा, “यह पाखंड खत्म होना चाहिए। एक सच्चा हिंदू गौहत्या बर्दाश्त नहीं कर सकता। गाय को हिंदू धर्म में माता का दर्जा दिया गया है और उसे काटना महापाप है।”

राजनीतिक दलों से समर्थन की मांग

शंकराचार्य ने बताया कि अगर यही स्थिति जारी रही तो ‘हिंदू राष्ट्र’ की अवधारणा का कोई मतलब नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि वह सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलकर अपना रुख साफ करने को कहेंगे। अब तक सिर्फ समाजवादी पार्टी के एक नेता ने उनका समर्थन करने का आश्वासन दिया है, जबकि बाकी दल इस मुद्दे पर चुप हैं।

यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है और गौरक्षा के मुद्दे पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आंदोलन कितना प्रभावी होगा, यह देखने वाली बात होगी।

 

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