शाहरुख खान ने आतंकवाद पीड़ितों पर जताई संवेदना, 26/11 और पहलगाम हमले की भी उठाई चिंता

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल पीस इवेंट में आतंकवाद पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और देश में हुई खतरनाक घटनाओं पर गहरा दुख जताया। शाहरुख ने कहा कि 26/11 मुंबई हमले, पहलगाम अटैक और हाल ही में दिल्ली में हुए ब्लास्ट जैसी घटनाओं ने देशवासियों को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इन दुखद घटनाओं में शांति और एकता बनाए रखना जरूरी है।
शाहरुख खान ने अपने भाषण में कहा कि आतंकवाद न केवल जान-माल को नुकसान पहुंचाता है बल्कि समाज में भय और अस्थिरता भी फैलाता है। उन्होंने कहा कि हमें इन घटनाओं से डरने की बजाय, एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। अभिनेता ने पीड़ित परिवारों के लिए सहानुभूति जताते हुए कहा कि उनके दर्द और हताशा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है, लेकिन पूरे देश का समर्थन हमेशा उनके साथ है।
उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों ने हमें याद दिलाया है कि केवल सुरक्षा बल ही नहीं, बल्कि हर नागरिक का योगदान भी महत्वपूर्ण है। शाहरुख ने जनता से अपील की कि वे अपने आसपास के लोगों के प्रति सजग रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
शाहरुख ने विशेष रूप से 26/11 मुंबई हमले की चर्चा करते हुए कहा कि उस घटना ने मुंबई और देशवासियों को सदमे में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की ऐसी घटनाएं न केवल जीवन को प्रभावित करती हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और मूल्यों पर भी चोट करती हैं। पहलगाम अटैक और दिल्ली ब्लास्ट पर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि हमें ऐसे भयावह घटनाओं के खिलाफ हमेशा सतर्क रहना होगा।
अपने भाषण में उन्होंने यह संदेश भी दिया कि हम सभी को अपने दैनिक जीवन में सहिष्णुता और सहयोग की भावना को बनाए रखना चाहिए। शाहरुख ने कहा कि आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज का साझा कर्तव्य है।
शाहरुख खान की यह भावनात्मक अपील दर्शाती है कि देश के मशहूर कलाकार भी सामाजिक जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हैं और नागरिकों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। उनके शब्दों ने कई लोगों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने की प्रेरणा दी।





