Serious allegations: नायब तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, वैध माइनिंग पर रोक लगा रिश्वत मांगने की शिकायत
प्रशासनिक मनमानी या कुछ और?

बिलासपुर जिले के गनियारी क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है (Serious allegations) जिसने प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक किसान ने क्षेत्र की नायब तहसीलदार श्रद्धा सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का दावा है कि खनिज विभाग से वैध अनुमति होने के बावजूद तहसीलदार ने न केवल उसका काम रुकवा दिया, बल्कि माइनिंग पर्ची जब्त कर अवैध रूप से रिश्वत की मांग भी की। न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित अब दस्तावेजों के साथ कलेक्टर कार्यालय की चौखट पर पहुँचा है
गनियारी नायब तहसीलदार के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पीड़ित किसान, (Serious allegations)
बिलासपुर जिले के गनियारी तहसील क्षेत्र में एक प्रशासनिक अधिकारी की कार्यशैली विवादों के घेरे में आ गई है। पीड़ित किसान और खनन कार्य से जुड़े लोगों ने नायब तहसीलदार श्रद्धा सिंह पर पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का संगीन आरोप लगाया है। मामला किसान की निजी भूमि के समतलीकरण और गहरीकरण से जुड़ा है। किसान का कहना है कि उसने अपनी जमीन को कृषि योग्य बनाने के लिए खनिज विभाग से तमाम वैधानिक अनुमतियां ली थीं। कार्य का जिम्मा एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया था, जो नियमों के तहत माइनिंग पर्ची के आधार पर काम कर रही थी। इसके बावजूद, नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर कार्य को अवैध घोषित कर दिया और मशीनें रुकवा दीं……
विवाद तब और गहरा गया जब किसान ने खनिज विभाग द्वारा जारी वैध दस्तावेज और माइनिंग पर्चियां दिखाईं, लेकिन आरोपों के मुताबिक अधिकारी ने उन्हें मानने से इनकार कर दिया। किसान का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने मौके पर मौजूद सरकारी पर्चियों को अवैध बताते हुए अपने कब्जे में ले लिया।
किसान और मौके पर मौजूद कर्मियों का सीधा आरोप है कि पूरी कार्रवाई के पीछे का असल मकसद नियम पालन नहीं, बल्कि अवैध उगाही और रिश्वत की मांग है। इस प्रशासनिक अड़ंगेबाजी से न केवल किसान का कार्य ठप हो गया है, बल्कि उसे भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है…….





