उत्तरकाशी की आपदा में बुजुर्गों की श्रद्धा बनी सुरक्षा कवच, गांव तबाह, कई लापता

उत्तरकाशी:उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार देर रात आई जलप्रलय ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी। इस त्रासदी में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। गांव का बड़ा हिस्सा मलबे के नीचे दब गया है, लेकिन इस आपदा में एक चमत्कारी बात सामने आई – गांव के सभी बुजुर्ग सुरक्षित बच गए।

मौके पर मौजूद अधिकारियों और गांव वालों ने बताया कि आपदा के समय सभी बुजुर्ग गांव के ऊपरी हिस्से में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर में पूजा कर रहे थे। यह मंदिर मुख्य बस्ती से करीब 300 मीटर ऊपर है और यहीं उनकी जान बच गई। इस दौरान गांव के ज्यादातर युवा, महिलाएं और पर्यटक गांव के भीतर अपने घरों या होटलों में थे, जो सीधे मलबे और पानी की चपेट में आ गए।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की संयुक्त टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक 400 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन राहत और बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है क्योंकि क्षेत्र में बार-बार हो रहे भूस्खलन और दलदली जमीन से रास्ता बनाना मुश्किल हो रहा है।

रेस्क्यू टीम टिन की चादरों से अस्थायी पुल बना रही है ताकि दलदल पार किया जा सके। सेना के 11 जवान भी मलबे में फंसे थे, जिन्हें सुरक्षित निकाला गया। दो मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से एक 32 वर्षीय आकाश पंवार हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात की निगरानी के लिए उच्च अधिकारियों को तैनात किया है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

अब भी उम्मीदें बाकी हैं कि लापता लोग सुरक्षित हों और रेस्क्यू कार्य जल्द सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button