चलती ट्रेन में सुरक्षित प्रसव, यात्रियों और रेलवे की तत्परता से मां-बच्चा दोनों स्वस्थ

छत्तीसगढ़ से गुजर रही एक ट्रेन में सफर के दौरान गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों और मेडिकल टीम की सूझबूझ से मां और नवजात दोनों की जान सुरक्षित बचा ली गई।
हैदराबाद से चांपा जा रही वैनगंगा एक्सप्रेस में यात्रा कर रही 25 वर्षीय महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वह अपने पति के साथ स्लीपर कोच में सफर कर रही थी। दुर्ग स्टेशन पार करने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने पर सहयात्रियों ने तुरंत इसकी जानकारी ट्रेन स्टाफ को दी।
सूचना मिलते ही ट्रेन में मौजूद टीटीई ने रेलवे प्रशासन को अवगत कराया। कोच में मौजूद महिलाओं और यात्रियों ने डॉक्टरों के पहुंचने से पहले ही सुरक्षित प्रसव कराने में अहम भूमिका निभाई। उनकी मदद से महिला ने ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अस्पताल, स्टेशन प्रशासन, सुरक्षा नियंत्रण कक्ष और संबंधित विभागों को अलर्ट किया गया। सभी ने आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई करते हुए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
जैसे ही ट्रेन रायपुर स्टेशन पहुंची, रेलवे की मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मां और नवजात की जांच की। इसके बाद दोनों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई गई।
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार मां और बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं। समय पर सहायता और बेहतर तालमेल के कारण यह प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। महिला के परिवार ने रेलवे प्रशासन, यात्रियों और मेडिकल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।
यह घटना आपात स्थितियों में सामूहिक सहयोग और त्वरित निर्णय की मिसाल मानी जा रही है, जिससे एक मां और नवजात की जान बचाई जा सकी।





