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Sad Demise: हिंदी साहित्य के मौन शिल्पी विनोद कुमार शुक्ल का निधन,

साहित्य जगत में शोक की लहर

हिंदी साहित्य को अपनी सादगी, गहन संवेदना और मौन की शक्ति से समृद्ध करने वाले वरिष्ठ साहित्यकार, कवि एवं उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल का मंगलवार 23 दिसंबर 2025 को निधन हो गया। (Sad Demise) वे 88 वर्ष के थे। उनका जन्म 1 जनवरी 1937 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में हुआ था। प्राध्यापन को आजीविका बनाकर उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन साहित्य सृजन को समर्पित कर दिया।. विनोद शुक्ल हिंदी साहित्य में उस दुर्लभ श्रेणी के लेखक माने जाते हैं, जिनकी रचनाओं में अत्यंत साधारण शब्दों के भीतर असाधारण गहराई और मानवीय करुणा दिखाई देती है।

साहित्य जगत में शोक की लहर

उनका पहला कविता संग्रह ‘लगभग जय हिन्द’ (1971) प्रकाशित हुआ, जबकि ‘नौकर की कमीज़’ (1979) उपन्यास ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई, जिस पर विख्यात फिल्मकार मणिकौल ने फिल्म भी बनाई। (Sad Demise) उनका उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हुआ और हिंदी उपन्यास की दिशा को नया आयाम दिया।

कविता, कहानी और उपन्यास—तीनों विधाओं में उन्होंने समान अधिकार से लेखन किया। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह’, ‘सब कुछ होना बचा रहेगा’, ‘कविता से लंबी कविता’, ‘आकाश धरती को खटखटाता है’, उपन्यास ‘खिलेगा तो देखेंगे’, ‘हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़’, ‘एक चुप्पी जगह’ तथा कहानी संग्रह ‘पेड़ पर कमरा’ शामिल हैं।

साहित्य जगत ने उन्हें शत-शत नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है….

उनकी रचनाओं का अंग्रेजी, फ्रेंच, इतालवी, स्वीडिश, जर्मन, अरबी सहित कई भाषाओं में अनुवाद हुआ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें ख्याति मिली। (Sad Demise) साहित्य अकादमी पुरस्कार, रज़ा पुरस्कार, शिखर सम्मान, दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान, मातृभूमि पुरस्कार, साहित्य अकादमी का सर्वोच्च सम्मान ‘महत्तर सदस्य’ तथा 2024 का 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से उन्हें नवाजा गया। उनके साहित्य पर आधारित फिल्मों और नाट्य मंचनों ने भी उनकी रचनात्मकता को नए दर्शक दिए।

विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका लेखन आने वाली पीढ़ियों को मनुष्य, प्रकृति और जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता रहेगा। साहित्य जगत ने उन्हें शत-शत नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है….

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