कोयला घोटाले के काले धन की तलाश में 20 डकैतों ने कोरबा में परिवार को बंधक बना कर खोदा पूरा घर

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मंगलवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां 20 हथियारबंद डकैतों के गिरोह ने एक परिवार को बंधक बना लिया और पूरे घर का फर्श खोद डाला। यह कार्रवाई कथित रूप से कांग्रेस शासन के दौरान कोयला परिवहन और शराब घोटाले में आरोपित प्रशासनिक अधिकारी सौम्या चौरसिया के ‘काले धन’ की खोज के लिए की गई। घटना को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना तराईडांड गांव में हुई, जहां किसान शत्रुध्न दास महंत के घर देर रात डेढ़ से दो बजे के बीच 20 नकाबपोश डकैत घुस आए। सभी डकैत देसी कट्टे, तलवार, चाकू, सब्बल और लाठी जैसे हथियारों से लैस थे। घर में घुसते ही उन्होंने परिवार के 11 सदस्यों को अपने कब्जे में ले लिया, रस्सियों से उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर टेप चिपका दिया। इसके बाद वे बार-बार एक ही सवाल करते रहे—“चौरसिया का दिया धन कहां गाड़ा है?”
डकैतों ने घर की आलमारी से करीब 1.50 लाख रुपये नकद और लगभग 10 लाख रुपये के जेवर लूट लिए। इसके साथ ही घर के पांच मोबाइल फोन भी ले गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि डकैत पूरी तैयारी के साथ आए थे और सब्बल से रसोई, कमरों और आंगन तक का पूरा फर्श खोद डाला। गांव में लंबे समय से इस परिवार के पास अकूत धन होने की चर्चाएं भी थीं, जिससे डकैतों को गलत अंदेशा हुआ।
सौम्या चौरसिया, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं, उनके खिलाफ कोयला परिवहन, शराब और डीएमएफ घोटाले में कई गंभीर आरोप हैं। इन मामलों की जांच ईडी, एसीबी और ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है। उन पर करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है और वह लंबे समय तक जेल में निरुद्ध रहने के बाद वर्तमान में अंतरिम जमानत पर हैं।
घटना की जानकारी पुलिस को देर से मिलने के कारण तत्काल घेराबंदी नहीं हो सकी और डकैत मौके से फरार हो गए। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है।





