Ration Shop Pressure: गरीबों के राशन पर जबरन बिक्री का बोझ
Ration Shop Pressure: प्रशासन हुआ सख्त

.छत्तीसगढ़ में आम जनता के हित के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर कुछ जिम्मेदार अधिकारी और संचालक ही पानी फेरते नजर आ रहे हैं। (Ration Shop Pressure) मामला है कोटा और तखतपुर ब्लॉक का, जहाँ शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में गरीब हितग्राहियों को राशन के साथ जबरन मसाले, साबुन और सोयाबीन जैसी अतिरिक्त वस्तुएँ खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
राशन के साथ साबुन और मसाला खरीदने का दबाव
राज्य शासन ने राशन दुकानों में रोजमर्रा की वस्तुएँ उपलब्ध कराने की योजना इसलिए शुरू की थी, ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर आवश्यक सामान मिल सके और दुकानदारों की आमदनी भी बढ़े। लेकिन कोटा और तखतपुर के कुछ संचालकों ने इस योजना का गलत फायदा उठाते हुए इसे जबरन बिक्री में बदल दिया।
शिकायत पर प्रशासन की कारवाई,Ration Shop Pressure
मामला तब उजागर हुआ जब ग्रामीणों ने शिकायत किया की राशन कार्ड से मिलने वाला चावल, गेहूँ या शक्कर तब तक नहीं दिया जा रहा, जब तक वे हल्दी, मिर्ची, धनिया या सोयाबीन जैसी वस्तुएँ साथ में न खरीदें। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया और लोग परेशान हो उठे।इस गंभीर अनियमितता की शिकायत जिला पंचायत सदस्य ने सामान्य सभा में उठाई। इस विषय में जब जिला खाद्य अधिकारी अमृत कुजूर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसी भी राशन दुकान में अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। और साथ ही संबंधित खाद्य निरीक्षकों और दुकानदारों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
गरीबों के राशन को बना दिया कमाई का जरिया,Ration Shop Pressure
प्रशासन की इस सख्ती से अब ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी है। सवाल यह भी उठ रहा है। की जनता के हक के लिए बनी योजनाओं को आखिर कुछ लोग क्यों अपनी कमाई का जरिया बना लेते हैं?





