दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तेज़ी से बढ़ रहा विस्तार, यातायात क्षमता बढ़ाने पर जोर

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने कैपेसिटी ऑग्मेंटेशन यानी क्षमता बढ़ाने का काम तेज़ कर दिया है। थर्ड लाइन और फोर्थ लाइन जैसी बड़ी परियोजनाएं अलग-अलग सेक्शनों में अंतिम चरण में हैं, जिससे यात्री और माल दोनों तरह की रेल सेवाओं को सीधा फायदा पहुंचेगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच फोर्थ लाइन का काम तेजी से चल रहा है। इस रूट पर करीब 60 से 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और बाकी काम भी तेज़ रफ्तार से किया जा रहा है। इस लाइन के शुरू होते ही इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही और सहज होगी, जिससे संचालन में समय की बचत होगी।
वहीं अनूपपुर से कटनी के बीच थर्ड लाइन का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है और इसे कमीशन भी किया जा चुका है। इससे इस रूट पर ट्रेनों की समयबद्धता में साफ सुधार देखने को मिल रहा है।
इसके साथ ही राजनांदगांव से नागपुर के बीच थर्ड लाइन का काम भी 90 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है। रेलवे जल्द ही इस लाइन को पूरी तरह चालू करने की तैयारी में है।
रेलवे का कहना है कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर एक साथ काम चल रहा है। इनके पूरा होने के बाद न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि माल परिवहन, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
इस विस्तार से जहां रेल नेटवर्क और मजबूत होगा, वहीं समय पर यात्रा और तेज़ माल ढुलाई की उम्मीद भी बढ़ गई है।





