राजस्थान में 30 साल पुराना ‘दो बच्चों’ का नियम खत्म, अब 3 से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की राजनीति से जुड़ा बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में लागू लगभग 30 साल पुराने ‘दो बच्चों की अनिवार्यता’ नियम को समाप्त करने की मंजूरी दे दी है। अब तीन या उससे अधिक संतान वाले व्यक्ति भी पंचायत और नगरपालिका चुनाव लड़ सकेंगे।

यह नियम पूर्व में भैरों सिंह शेखावत सरकार के दौरान जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लागू किया गया था। इसके तहत दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया जाता था। अब कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। संबंधित संशोधन विधेयक मौजूदा विधानसभा सत्र में पारित किए जाएंगे।

कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि समय के साथ सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव आया है, जिसके चलते यह प्रावधान अब प्रासंगिक नहीं रहा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ेगी और अधिक लोग चुनावी प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस निर्णय से पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कई ऐसे संभावित उम्मीदवार, जो अब तक इस नियम के कारण चुनाव नहीं लड़ पा रहे थे, उन्हें मौका मिलेगा। भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों के कई स्थानीय नेता इस प्रावधान से प्रभावित रहे हैं।

विधानसभा में भी लंबे समय से इस नियम को समाप्त करने की मांग उठती रही है। कई विधायकों ने सवाल उठाया था कि यह प्रतिबंध केवल स्थानीय चुनावों पर ही क्यों लागू था, जबकि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ऐसी कोई बाध्यता नहीं है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश की स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button