बिहार चुनाव में राहुल गांधी का मोदी स्टाइल प्रचार, वोट चोरी से लेकर राशन और जमीन तक का मुद्दा

बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी माहौल गरमाने लगा है। इस बार कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की अगुवाई में चल रही “वोटर अधिकार यात्रा” सबसे ज्यादा चर्चा में है। राहुल गांधी इस यात्रा के जरिए लगातार बीजेपी और चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं।
राहुल गांधी का कहना है कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद लाखों नाम काटे गए हैं, जिनमें ज्यादातर दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के नाम शामिल हैं। उनका आरोप है कि सरकार धीरे-धीरे नागरिकों के अधिकार छीन रही है—पहले वोट, फिर राशन कार्ड और उसके बाद जमीन तक कब्जाने की योजना है।
राहुल के आरोपों की गूंज प्रियंका गांधी के भाषणों में भी सुनाई दे रही है। सुपौल में उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भैंस और मंगलसूत्र छीनने का आरोप लगाया था, लेकिन असल में बीजेपी ही जनता के वोट और अधिकार छीन रही है। प्रियंका ने लोगों से अपील की कि वे अपने वोट की चोरी न होने दें।
राहुल गांधी लगातार जनता को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए वोट चोरी की साजिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक में बीजेपी की “वोट चोरी” के सबूत पेश किए गए हैं और आने वाले समय में अन्य राज्यों के भी सबूत सामने रखे जाएंगे।
कांग्रेस का यह हमला न सिर्फ बीजेपी बल्कि बिहार की नीतीश कुमार सरकार को भी घेरने का प्रयास है। राहुल गांधी जनता के बीच यह धारणा बनाने में जुटे हैं कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि संविधान और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।
इस तरह, बिहार में चुनावी जंग इस बार “भैंस और मंगलसूत्र” से निकलकर “वोट, राशन कार्ड और जमीन” की लड़ाई बन गई है, जिसमें राहुल गांधी पीएम मोदी जैसी ही शैली में प्रचार कर रहे हैं।





