अरुणाचल प्रदेश में गौरक्षा रैली का विरोध, प्रदर्शन के कारण शंकराचार्य वापस लौटे

ईटानगर/तेजपुर: अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित गौरक्षा रैली को गुरुवार को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा. अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संघ (AAPSU) के सदस्यों ने इस यात्रा का विरोध किया. प्रदर्शनकारियों ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को न सिर्फ एयरपोर्ट पर रोक दिया, बल्कि उन्हें राज्य से वापस जाने के लिए भी मजबूर किया.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरुवार सुबह अरुणाचल प्रदेश के होलोंगी में डोनी पोलो हवाई अड्डे पर पहुंचे. उन्हें शुक्रवार को प्रस्तावित गौरक्षा रैली की शुरुआत करनी थी. हालांकि अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संघ के सदस्यों ने धार्मिक नेता की रैली और उनके दौरे का विरोध करते हुए हवाई अड्डे के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

विरोध बढ़ता देख पापुम पारे जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके दल को अरुणाचल प्रदेश से वापस जाने का अनुरोध करना पड़ा. शंकराचार्य और उनके दल सदस्य चार्टर्ड विमान से होलोंगी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे पहुंचे थे.

गौरतलब है कि नगालैंड और मिजोरम की सरकारों ने पहले ही संविधान के अनुच्छेद 371 (ए) का हवाला देते हुए अशांति की चिंताओं के मद्देनजर गौहत्या पर प्रतिबंध को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम ‘गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा’ को अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

नगालैंड में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने इस रैली का विरोध किया, जिसके बाद नगालैंड सरकार ने इसे अनुमति देने से इनकार करने का फैसला किया.

इसी तरह मेघालय में भी कई संगठनों के साथ-साथ कैबिनेट के सदस्यों ने गौरक्षा रैली पर चिंता जताई और सरकार से रैली को अनुमति देने से इनकार करने की अपील की थी.

 

 

 

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