ट्रंप-मोदी की संभावित मुलाकात से सुलझ सकती है टैरिफ टेंशन

नई दिल्ली:भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में बढ़ी टैरिफ टेंशन के बीच अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों में आई खटास को कम करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका जा सकते हैं। कार्यक्रम के अनुसार, 26 सितंबर को उन्हें महासभा को संबोधित करना है। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप भी मौजूद रहेंगे, जो 23 सितंबर को सभा में भाषण देंगे। यही मौका दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात का आधार बन सकता है।

टैरिफ विवाद तब गहराया जब अमेरिका ने भारत के समुद्री उत्पादों और अन्य निर्यात पर कुल 50% तक का टैरिफ लगा दिया। पहले चरण में 25% टैरिफ लगाया गया था, जिसे हाल ही में अतिरिक्त 25% बढ़ाकर कुल 50% कर दिया गया। यह कदम अमेरिका ने भारत के रूस के साथ तेल व्यापार को लेकर उठाया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि मोदी-ट्रंप मीटिंग से वार्ता का नया रास्ता खुल सकता है, जो व्यापारिक समझौतों में सकारात्मक बदलाव लाएगा। इससे पहले फरवरी 2025 में भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी, जिसमें 2025 तक बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर बातचीत की घोषणा की गई थी।

भारत ने अमेरिकी टैरिफ को अनुचित बताते हुए कहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। अब नजरें सितंबर में होने वाली इस संभावित मुलाकात पर टिकी हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में नई गर्माहट आ सकती है।

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