PM इंटर्नशिप योजना में सुधार के बाद दोबारा होगी शुरू

दिल्ली। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के पहले दो राउंड के निराशाजनक नतीजों के बाद केंद्र सरकार ने इसमें बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है। आईआईएम बेंगलुरु, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, सिंबायोसिस और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स के अध्ययन में चार प्रमुख खामियां सामने आईं। कंपनी की लोकेशन, लंबी इंटर्नशिप अवधि, ऑफर में रुचि की कमी और उम्र सीमा।
नए प्लान के तहत इंटर्न की न्यूनतम उम्र सीमा 21 से घटाकर 18 साल की जाएगी। स्टाइपेंड बढ़ाया जाएगा और इंटर्नशिप अवधि 6 महीने से बढ़ाकर एक साल की जा सकती है। साथ ही कंपनियों की लोकेशन उम्मीदवारों की सुविधा के हिसाब से तय होगी। यह संशोधित योजना पीएम कार्यालय को सौंपी जाएगी।
2026-27 में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक बजट के साथ लागू होगी, जबकि फिलहाल बजट 380 करोड़ रुपए है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के बजट में इस योजना की घोषणा की थी, जिसमें 5 साल में देश की शीर्ष 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को पेड इंटर्नशिप देने का लक्ष्य रखा गया था। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था युवाओं के लिए अधिक आकर्षक और सुलभ होगी, जिससे भागीदारी में बड़ा इजाफा होगा।
पहले दो राउंड की स्थिति:
राउंड-1: 686 जिलों से 1.80 लाख लोगों ने 6.45 लाख आवेदन किए। 80,000 इंटर्नशिप ऑफर में से 60,000 उम्मीदवारों ने स्वीकार किया, लेकिन सिर्फ 8,700 ने जॉइन किया।
राउंड-2: 745 जिलों से 2.14 लाख लोगों ने 4.55 लाख आवेदन किए। 327 कंपनियों ने 1.18 लाख इंटर्नशिप ऑफर कीं, जिसमें चयन प्रक्रिया जारी है।





