मुर्शिदाबाद हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIT जांच की मांग

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में संशोधित वक्फ अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वैन और कई वाहनों में आग लगा दी। पुलिस पर पथराव हुआ और कुछ पुलिस बूथों को भी आग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान मुस्लिम बहुल इलाकों में हिंदू परिवारों ने डर के चलते पलायन कर लिया।
तीन की मौत, 210 से ज्यादा गिरफ्तार
हिंसा की शुरुआत 12 अप्रैल को हुई थी जिसमें अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं। इनमें 18 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 210 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। हालात को काबू में रखने के लिए हिंसा प्रभावित इलाकों में 9 कंपनी BSF और 8 कंपनी CRPF तैनात की गई हैं। साथ ही कर्फ्यू लगाया गया है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIT की मांग
इस पूरे मामले को लेकर वकील शशांक शेखर झा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कोर्ट की निगरानी में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई है जो सांप्रदायिक और राजनीतिक हिंसा की जांच करे। साथ ही बंगाल सरकार से कानून व्यवस्था की विफलता पर जवाब मांगा गया है। याचिका में पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास देने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।
बीएसएफ अधिकारी का दौरा, गृह मंत्रालय को रिपोर्ट
बीएसएफ की पूर्वी कमांड के एडीजी रवि गांधी दो दिवसीय दौरे पर मालदा और मुर्शिदाबाद पहुंचे हैं। वे हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं और सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। इस संबंध में एक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
पुलिस के अनुसार अब मुर्शिदाबाद में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। दुकानें खुलने लगी हैं और विस्थापित परिवार अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। पुलिस ने अब तक 19 परिवारों के वापस लौटने की जानकारी दी है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।





