Petition dismissed: समाज के खिलाफ युद्ध है आर्थिक अपराध: हाईकोर्ट ने मैनपावर घोटाले में अनवर ढेबर की याचिका की रद्द…..
सरकारी खजाने की लूट पर सख्त रुख: छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता को नहीं मिली राहत

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित मैनपावर सप्लाई घोटाले में मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है, (Petition dismissed)जहां अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए टिप्पणी की कि आर्थिक अपराध देश की अर्थव्यवस्था और समाज के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश होते हैं। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कर्मचारियों की सप्लाई और ओवरटाइम भुगतान में हुई गड़बड़ियों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब मामला जनता के पैसे की लूट से जुड़ा हो, तो न्यायपालिका को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता को नहीं मिली राहत (Petition dismissed)
प्रवर्तन निदेशालय (ED) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच में खुलासा हुआ था कि निजी एजेंसियों के बिल पास करने के बदले भारी कमीशन वसूला जाता था और ढेबर के हस्तक्षेप के बाद इस कमीशन की राशि को बढ़ाकर बिल का एक-तिहाई हिस्सा कर दिया गया था।
अदालत ने बचाव पक्ष के राजनीतिक प्रतिशोध वाले तर्कों को दरकिनार करते हुए ढेबर को इस पूरे खेल का मुख्य साजिशकर्ता और सबसे बड़ा लाभार्थी करार दिया और साफ कहा कि महज प्रभावशाली होना राहत का आधार नहीं हो सकता। 29 नवंबर 2023 की ट्रैप कार्रवाई और उसके बाद मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर फरवरी 2026 में हुई गिरफ्तारी के बाद, अब इस फैसले से ढेबर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं…..





