साइबर सुरक्षा संदेश से परेशान लोग, अमिताभ बच्चन की कॉलर ट्यून हटाने की कर रहे मांग

नई दिल्ली:सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की आवाज में रिकॉर्ड की गई साइबर सुरक्षा जागरूकता कॉलर ट्यून लोगों के लिए अब परेशानी का कारण बन गई है। हर कॉल से पहले बजने वाला लगभग 40 सेकंड का यह संदेश, चाहे स्थिति कितनी भी जरूरी क्यों न हो, लोगों को खलने लगा है। सोशल मीडिया से लेकर दूरसंचार मंत्रालय और ट्राई तक इस कॉलर ट्यून को बंद करने की मांग तेज हो गई है।

देशभर में लोग कह रहे हैं कि यह ट्यून एक-दो बार सुनना तो ठीक है, लेकिन हर कॉल से पहले इसे बार-बार सुनना अब असहनीय हो गया है। यह समस्या ठीक वैसी ही बन चुकी है जैसी कोरोना काल में कोविड-19 से बचाव वाली कॉलर ट्यून को लेकर हुई थी। उस समय भी हर कॉल पर बजने वाले संदेश ने लोगों को परेशान कर दिया था और बाद में उसे बंद करना पड़ा था।

यह साइबर सुरक्षा कॉलर ट्यून लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इसमें उपयोगकर्ताओं को अज्ञात लिंक, ओटीपी साझा न करने और फर्जी कॉल से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। लेकिन अब यह आवाज लोगों के धैर्य की परीक्षा बन चुकी है।

लोगों का कहना है कि चाहे किसी को इमरजेंसी में कॉल करनी हो, तब भी बच्चन साहब की यह लंबी चेतावनी सुननी ही पड़ती है। कुछ उदाहरणों में तो यह भी देखा गया है कि कॉल तब तक नहीं लगती जब तक यह संदेश पूरी तरह खत्म न हो जाए, जिससे समय की बर्बादी और कई बार बड़ी समस्या भी खड़ी हो सकती है।

साइबर सुरक्षा संदेश से परेशान लोगों की राय

टीवी9 भारतवर्ष ने इस समस्या पर विभिन्न पेशेवरों से बात की, जिनमें डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर और वकील शामिल हैं। सबका यही मानना है कि एक-दो बार यह संदेश ठीक है, लेकिन बार-बार सुनना बेहद झुंझलाहट भरा अनुभव बन गया है। यदि तकनीकी रूप से इसे हर बार बजने से नहीं रोका जा सकता तो बेहतर है कि इसे पूरी तरह बंद कर दिया जाए।

कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि कॉल के समय कीपैड से 1, 0 या 8 दबाने पर यह कॉलर ट्यून बंद हो जाती है, लेकिन यह तरीका सभी पर काम नहीं कर रहा। राजस्थान पुलिस की सब-इंस्पेक्टर आरती सिंह तंवर ने भी सोशल मीडिया पर इसे बंद करने का तरीका बताया है, पर यह समाधान भी सीमित ही असर दिखा रहा है।

कई लोगों ने डाली RTI, सोशल मीडिया पर विरोध

कई यूज़र्स ने इस कॉलर ट्यून को हटाने के लिए सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन भी डाला है। फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लोग लगातार अपनी नाराजगी जता रहे हैं और इस ऑडियो को हटाने की मांग कर रहे हैं।

टेलीकॉम विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि यह संदेश केवल कॉल करने वाले को सुनाई देता है, रिसीवर की ओर घंटी पहले ही जाती है। लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार घंटी कॉलर ट्यून के बाद ही जाती है, जिससे समय की देरी होती है।

लोगों की नाराजगी स्पष्ट है। सरकार को चाहिए कि इस साइबर चेतावनी ट्यून के प्रसारण में बदलाव लाया जाए – जैसे इसे सिर्फ पहली कॉल पर सुनाना या इसे वैकल्पिक बनाना। वरना यह ‘जागरूकता का प्रयास’ उल्टा असर डाल सकता है और आमजन की नाराजगी और बढ़ा सकता है।

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