ट्रेनों की लेटलतीफी से बिलासपुर स्टेशन पर यात्री परेशान, घंटों करना पड़ा इंतजार

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की लगातार हो रही देरी से यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े रूटों से आने वाली ट्रेनें अपने तय समय से कई-कई घंटे लेट पहुंच रही हैं। मंगलवार को भी हालात कुछ ऐसे ही रहे, जब यात्रियों को अपनी ट्रेन के लिए 2 घंटे से लेकर 9 घंटे तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा।
यात्रियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले करीब छह महीनों से ट्रेनों का शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ा हुआ है। इसके बावजूद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन सहित रेलवे प्रशासन की ओर से हालात सुधारने के लिए कोई ठोस पहल होती नजर नहीं आ रही है।
लेट ट्रेनों का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है, जिन्हें जरूरी काम से यात्रा करनी होती है। वहीं बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर कर रहे परिवारों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यात्री बार-बार पूछताछ काउंटर पर ट्रेन की जानकारी लेने पहुंचते रहे, लेकिन हर बार उन्हें यही जवाब मिला कि ट्रेन अपने प्रारंभिक स्टेशन से ही लेट चली है या रास्ते में कहीं रेलवे कार्य चल रहा है।
आज जिन ट्रेनों ने यात्रियों की परेशानी बढ़ाई, उनमें ऋषिकेश योगनगरी–पुरी उत्कल एक्सप्रेस करीब 9 घंटे, शालीमार–एलटीटी एक्सप्रेस 8 घंटे, आरा–दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 3 घंटे, पटना–चर्लपल्ली एक्सप्रेस साढ़े 3 घंटे, इंदौर–बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस और शहडोल–बिलासपुर मेमू ढाई-ढाई घंटे लेट रहीं। इसके अलावा हीराकुंड, हावड़ा–पुणे और वल्साड–पुरी एक्सप्रेस भी लगभग 2 घंटे देरी से पहुंचीं।
लगातार हो रही इस लेटलतीफी ने रेलवे के समयबद्ध संचालन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की मांग है कि रेलवे जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे, ताकि उन्हें समय पर और सुरक्षित यात्रा मिल सके।





