ओरछा में श्रीराम विवाह महोत्सव की धूम, आज लगेगी हल्दी; कंचना घाट पर एक लाख दीपों से सजी भव्य आभा

बुंदेलखंड की अयोध्या कही जाने वाली ओरछा नगरी में श्रीरामराजा सरकार के पारंपरिक विवाह महोत्सव की शुरुआत भव्य तरीके से हो गई है। चार दिवसीय इस उत्सव में दूर-दराज़ से श्रद्धालुओं का आना जारी है, और पूरा नगर राममय वातावरण में डूब गया है। रविवार की शाम गणेश पूजन के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद बेतवा नदी के कंचना घाट पर एक लाख दीप जलाकर अलौकिक दृश्य निर्मित किया गया। दीपों की रोशनी से घाट दीपोत्सव जैसा चमक उठा और श्रद्धालुओं ने मां बेतवा की आरती कर शुभारंभ को उत्साहपूर्ण बनाया।
आज विवाह रस्मों के तहत मंदिर परिसर में मंडप सजाया जा रहा है, जहां देशभर से आए श्रद्धालु श्रीरामराजा सरकार को हल्दी लगाएंगे और तेल चढ़ाने की परंपरा निभाई जाएगी। उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 25 नवंबर को निकलने वाली भव्य बरात होगी, जिसका इंतजार भक्तों को बेसब्री से है। ओरछा नगर में एक ओर अवध का वातावरण रचा गया है तो दूसरी ओर जनकपुर की झलक दिखाई दे रही है, जिससे संपूर्ण नगर श्रीराम-जानकी विवाह की ऐतिहासिक परंपरा में रंग गया है।
विवाह महोत्सव में धार्मिक परंपराओं और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। नगरवासियों और श्रद्धालुओं में यह उत्साह लगातार बना हुआ है कि वे कब रामराजा सरकार को दूल्हे के रूप में सजे देखेंगे। स्थानीय प्रशासन भी महोत्सव की तैयारियों में सक्रिय है। कलेक्टर जमुना भिड़े आज विवाह मंडप की मुख्य यजमान के रूप में पूजन करेंगीं। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मंदिर के पुजारी मंडपाच्छादन पूजन संपन्न कराएँगे।
उत्सव 26 नवंबर तक चलेगा, जिसमें हर दिन नई-नई धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ होंगी। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर धर्मशाला में प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। ओरछा इन दिनों भक्ति, आस्था और परंपराओं के इस अनोखे उत्सव से जगमगा रही है।





