नोएडा: घरेलू सहायिका बनकर चोरी करने वाली देवरानी-जेठानी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार, 85 लाख की ज्वेलरी बरामद

नोएडा पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो घरेलू सहायिका बनकर घरों में चोरी करती थीं। आरोपी महिलाओं ने नोएडा के दो घरों से 85 लाख रुपए की ज्वेलरी और लगभग 3 लाख रुपए नकद चोरी कर भागने के बाद पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में छिप गई थीं। गिरफ्तार महिलाओं को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा लाया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में सेक्टर-12 के पी ब्लॉक और सेक्टर-49 के बरौला गांव में चोरी की घटनाएं हुई थीं। दोनों मामलों में घरेलू सहायिकाओं ने केवल एक सप्ताह के भीतर चोरी को अंजाम दिया। शिकायत मिलने पर सेक्टर-24 और सेक्टर-49 थानों की पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिलाओं के हुलिये को पहचाना।
जांच के दौरान पुलिस ने लगभग 300 सीसीटीवी कैमरे खंगाले और पता चला कि आरोपी महिलाएं पश्चिम बंगाल भाग गई हैं। इसके बाद दोनों थानों की संयुक्त टीम उन्हें गिरफ्तार करने मिदनापुर गई। महिलाओं के कब्जे से 85 लाख रुपए मूल्य की सोने और हीरे की ज्वेलरी तथा लगभग 2.89 लाख रुपए नकद बरामद किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मामुनी जाना उर्फ मोनी (31) और आशा उर्फ मामोनी (30) के रूप में हुई। मामुनी ने सेक्टर-24 और आशा ने सेक्टर-49 में चोरी की थी। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया और बताया कि वे पिछले पांच सालों से नोएडा में रह रही थीं। दोनों महिलाएं रिश्ते में देवरानी-जेठानी हैं।
पुलिस ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब महिलाएं चोरी में शामिल हुई हैं। वे काम की तलाश में विभिन्न सेक्टरों में जाती थीं और मालिकों का भरोसा जीतने के बाद सोने, चांदी, हीरे और नकद लेकर फरार हो जाती थीं। सोने को पिघलाकर वे उसे सुनार के पास बेच देती थीं, जिससे उनकी चोरी का पता नहीं चलता था।
पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है और किसी भी नए साक्ष्य के आधार पर और गिरफ़्तारी हो सकती है। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इस कार्रवाई से नोएडा में घरेलू सुरक्षा को लेकर एक चेतावनी भी मिली है कि घरों में काम पर रखे गए कर्मचारियों पर सतत निगरानी आवश्यक है।





