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नए नियमों ने बिगाड़ा इंडिगो का सिस्टम! यात्रियों का समय-पैसा दोनों बर्बाद, 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो पिछले तीन दिनों से भारी परिचालन संकट से गुजर रही है। अचानक पैदा हुई इस अव्यवस्था के कारण 550 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि सैकड़ों उड़ानें घंटों देरी से रवाना हुईं। एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें, गुस्सा और सोशल मीडिया पर भड़ास—हर जगह स्थिति बेहद खराब बनी हुई है।

हैदराबाद एयरपोर्ट पर यात्रियों ने बताया कि उन्हें 12 घंटे से भी अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन फ्लाइट की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। कई जगह यात्रियों ने आरोप लगाया कि कंपनी बार-बार “2 घंटे और” कहकर उन्हें टालती रही ताकि ठहरने की व्यवस्था न करनी पड़े।

इंडिगो ने इस अव्यवस्था के लिए कई “अनजाने परिचालन चुनौतियों” को जिम्मेदार बताया है—जिसमें तकनीकी दिक्कतें, मौसम, शेड्यूल एडजस्टमेंट और एविएशन सिस्टम पर बढ़ा लोड शामिल है। लेकिन असली बड़ा कारण DGCA के नए Flight Duty Time Limitations (FDTL) नियम माने जा रहे हैं, जिनका असर विमानन कंपनियों पर हाल ही में व्यापक रूप से दिखा।

नए नियमों के बाद पायलटों और क्रू के लिए आराम का समय बढ़ाया गया है, नाइट ड्यूटी सीमित की गई है और रात की परिभाषा को एक घंटे बढ़ाया गया है। पहले हफ्ते में 36 घंटे का रेस्ट मिलता था, अब 48 घंटे अनिवार्य कर दिए गए हैं। नाइट लैंडिंग की संख्या कम होने के कारण कई क्रू मेंबर कंपनियों के पुराने रोस्टर के अनुसार उपलब्ध नहीं रह पाए और बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हुईं।

सबसे अधिक असर इंडिगो पर इसलिए पड़ा क्योंकि उसका ऑपरेशनल नेटवर्क सबसे विशाल है। कंपनी रोजाना 2,200 से ज्यादा उड़ानों का संचालन करती है—जो एयर इंडिया की तुलना में लगभग दोगुना है। ऐसे में 10–20% उड़ानों का भी शेड्यूल बिगड़ने से 200–400 फ्लाइट्स सीधे प्रभावित हुईं और हजारों यात्री परेशानी में आ गए।

लो-कॉस्ट एयरलाइन होने के कारण इंडिगो का संचालन हाई-फ्रीक्वेंसी, कम डाउनटाइम और रातभर की उड़ानों पर आधारित है। DGCA के नए नियम सीधे इसी मॉडल से टकरा रहे हैं, जिससे कंपनी को भारी झटका लगा।

विभिन्न एयरपोर्ट्स पर रद्द उड़ानों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। दिल्ली एयरपोर्ट पर 172, मुंबई में 118, बेंगलुरु में 100, हैदराबाद में 75, कोलकाता में 35 और चेन्नई में 26 उड़ानों को रद्द किया गया।

DGCA ने इंडिगो के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्थिति पर कड़ी नाराज़गी जताई। नियामक संस्था का कहना है कि नए नियमों के दूसरे चरण के कार्यान्वयन में गलत अनुमान और योजना का संकट इस अव्यवस्था की बड़ी वजह बना।

इंडिगो ने संचालन को स्थिर करने के लिए उड़ानों की संख्या कम करने का फैसला किया है और उम्मीद जताई है कि स्थिति जल्द सामान्य होगी। कंपनी ने यात्रियों से माफी मांगकर कहा है कि उनकी टीमें परिचालन सुधारने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

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