बिहार कैबिनेट में पोर्टफोलियो का नया बंटवारा, कई मंत्रियों के विभाग बदले

बिहार सरकार ने कैबिनेट में बड़े पैमाने पर पोर्टफोलियो का पुनर्वितरण करते हुए कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी नए मंत्रियों को सौंप दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी विभाग और वे सभी विभाग दिए गए हैं जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं हुए। यह निर्णय प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित और तेज़ बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह विभाग का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। गृह विभाग राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन का प्रमुख विभाग है, जिसके माध्यम से वे पूरे प्रदेश में शांति और सुरक्षा की स्थिति की निगरानी करेंगे। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को भूमि एवं राजस्व विभाग के साथ खान एवं भू-तत्व विभाग सौंपा गया है। उनके नेतृत्व में भूमि नीतियों, राजस्व बढ़ोतरी और खनिज संसाधनों के प्रबंधन में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
मंगल पांडे को स्वास्थ्य विभाग और कानून विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों विभाग राज्य की बुनियादी सेवाओं और न्याय व्यवस्था से जुड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग में बेहतर सेवाओं और कानूनी मामलों में पारदर्शिता व गति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल को उद्योग विभाग का कार्यभार दिया गया है। उद्योग विभाग राज्य में निवेश बढ़ाने, औद्योगिक विकास तेज करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकार का कहना है कि इस नए पोर्टफोलियो वितरण से विभागीय कार्यों में स्पष्टता आएगी और प्रशासनिक कुशलता में बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रियों को नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए निर्देश दिया कि वे विभागों में आम जनसेवा, नीतिगत सुधार और विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, नए बंटवारे से विभागों के कामकाज में तेजी आएगी, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार होगा और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से बिहार के विकास और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।





