ईरान को तबाह करने वाले थे नेतन्याहू, ट्रंप की एक मुलाकात ने बचाई जंग

वॉशिंगटन/तेहरान, 17 अप्रैल 2025:इजरायल और ईरान के बीच संभावित युद्ध को टालने में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका निर्णायक रही। एक बड़े खुलासे में पता चला है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 8 मई को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने की योजना बनाई थी। इसके लिए अमेरिका से हरी झंडी लेने वे वॉशिंगटन पहुंचे थे, लेकिन आखिरी समय में ट्रंप की एक मुलाकात ने इस योजना पर विराम लगा दिया।
8 अप्रैल को व्हाइट हाउस में हुई इस अहम बैठक में ट्रंप ने नेतन्याहू से आग्रह किया कि ईरान को एक मौका दिया जाए। बातचीत के बहाने नेतन्याहू अमेरिका पहुंचे थे, लेकिन असल मकसद था ईरान पर सैन्य कार्रवाई की मंजूरी लेना। ट्रंप ने नेतन्याहू को ईरान के साथ बातचीत का प्रस्ताव दिया और उन्हें लीबिया मॉडल पर आधारित समझौते की पेशकश की।
ट्रंप ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के जरिए मध्यस्थता की बात भी तय कर ली थी। इसके तहत शनिवार को ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ रोम में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं। पहले दौर की वार्ता मस्कट, ओमान में हो चुकी है, और अब दूसरा दौर रोम में आयोजित किया जाएगा।
हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि वार्ता विफल होती है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने बार-बार चेतावनी दी है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका के लिए खतरा है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच अमेरिका ने ईरान से एक अरब डॉलर मूल्य के तेल की खरीद पर चीन की एक रिफाइनरी पर प्रतिबंध भी लगा दिया है। यह कार्रवाई इस आशंका पर की गई कि इस व्यापार से ईरान समर्थित आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद मिल रही है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कई कंपनियों और पोतों को इस प्रतिबंध सूची में शामिल किया है।
इस घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है।





