Naxalites Report 2025 : नक्सली ड्रोन से रख रहे जवानों पर नजर
Naxalites Report 2025 : 2018 से नक्सलियों के पास हैं करीब 10 ड्रोन, 3 किलोमीटर तक की रेंज

रायपुर। Naxalites Report 2025 : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब नक्सलियों की रणनीति में तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। अब वे सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का सहारा ले रहे हैं। साल 2018 से ही नक्सलियों के पास ऐसे करीब 10 ड्रोन होने की आशंका है, जिनकी रेंज 3 किलोमीटर तक की है। ये ड्रोन नक्सली जंगलों में जवानों की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर कम संख्या में सुरक्षाबल नजर आते हैं, तो हमला करते हैं और संख्या अधिक होने पर पीछे हट जाते हैं।
इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। सुकमा पुलिस ने 23 फरवरी 2025 को एक ड्रोन नक्सलियों के ठिकाने से जब्त किया है, जो इस बात की पहली आधिकारिक पुष्टि है कि नक्सली अब ड्रोन तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं।
जंगल से मिला था पहला सबूत (Naxalites Report 2025)
सुकमा जिले के गुंडराजगुडेम जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान यह ड्रोन जब्त किया गया। पुलिस को लंबे समय से इन इलाकों में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की सूचना मिल रही थी। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया, तो दैनिक सामग्री के साथ एक ड्रोन और उसके कुछ पार्ट्स बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह ड्रोन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान्य ड्रोन जैसा है, लेकिन नक्सली इसका उपयोग निगरानी के लिए कर रहे थे।
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जब्त ड्रोन की रेंज लगभग 3 किलोमीटर है और उसमें कोई विस्फोटक या भारी सामान ले जाने की क्षमता नहीं है। लेकिन इससे नक्सली जवानों की संख्या और उनकी रणनीति को समझने में सक्षम हो जाते हैं।
NIA कर रही जांच, सप्लायर गिरफ्तार(Naxalites Report 2025)
इस पूरे मामले की जांच में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी शामिल हो गई है। जून 2024 में NIA ने दिल्ली से विशाल सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जो मथुरा का रहने वाला है। पूछताछ में विशाल ने खुलासा किया कि वह **पिछले 7 साल से जंगलों में नक्सलियों को ड्रोन की आपूर्ति और ऑपरेशन की ट्रेनिंग दे रहा था**। उसने बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कई माओवादी समूहों को ड्रोन सप्लाई किए।
विशाल के साथ-साथ इससे पहले अगस्त 2024 में अजय सिंघल उर्फ अमन नामक एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था, जो हरियाणा-पंजाब इकाई का माओवादी प्रमुख बताया जाता है। दोनों से मिले इनपुट्स के आधार पर एजेंसी को शक है कि नक्सलियों के पास कुल 10 ड्रोन हो सकते हैं, जो अलग-अलग इलाकों में इस्तेमाल हो रहे हैं।
पुरानी सूचनाओं की अब हुई पुष्टि
ड्रोन का नक्सली इस्तेमाल नई बात नहीं है, लेकिन पहले कभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। 2019, 2020 और 2023 में नक्सल क्षेत्रों में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की सूचनाएं सामने आई थीं। केंद्र सरकार ने 2019 में ही ऐसे ड्रोन को तत्काल मार गिराने के निर्देश भी दिए थे। लेकिन यह पहली बार है जब किसी ड्रोन को नक्सली ठिकाने से बरामद किया गया है, जिससे अब ये आशंका हकीकत में बदल गई है।
मुठभेड़ों में मारे गए 426 से ज्यादा नक्सली
2024 की शुरुआत से जून 2025 तक बस्तर क्षेत्र में कुल 426 नक्सलियों को मुठभेड़ों में ढेर किया गया है। इनमें से 217 की मौत 2024 में और 200 से अधिक की 2025 के पहले 6 महीनों में हुई है। नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के मुताबिक, पिछले एक साल में संगठन के 4 सेंट्रल कमेटी मेंबर और 16 स्टेट कमेटी सदस्य मारे गए, जिनमें 136 महिला नक्सली शामिल थीं।
हमले की योजना बना रहे नक्सली(Naxalites Report 2025)
ड्रोन के जरिए निगरानी और हमलों की योजना बनाकर नक्सली अब एक नई रणनीति पर काम कर रहे हैं। NIA की जांच से साफ है कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि संगठित योजना है, जिसका मकसद कमजोर हो रही पकड़ को तकनीक के जरिए फिर से मजबूत करना है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक गंभीर चुनौती है, जिसमें तकनीकी समाधान और फील्ड इंटेलिजेंस को और सशक्त करना होगा।





