NAN Scam Case: पूर्व AG सतीश चंद्र वर्मा पर गिरफ्तारी की लटकी तलवार, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के नान घोटाला केस में फंसे पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।
जस्टिस रविंद्र अग्रवाल ने दो महीने पहले इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे गुरुवार को जारी किया गया। सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ ईओडब्ल्यू/एसीबी ने नान घोटाले में एफआईआर दर्ज की है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
अग्रिम जमानत के लिए याचिका में दावा
वर्मा ने याचिका में कहा था कि उनके खिलाफ असंवैधानिक तरीके से केस दर्ज किया गया है, क्योंकि महाधिवक्ता की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, और इस मामले में धारा 17(ए) के तहत अनुमति नहीं ली गई।
सरकार का पक्ष
सरकार ने जवाब में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच की थी। ईडी की जांच में यह सामने आया कि पीडीएस घोटाले में सीनियर अफसरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इन अधिकारियों को बचाने के लिए सतीश चंद्र वर्मा और अन्य के बीच आपराधिक षड्यंत्र का सबूत मिला था।
स्पेशल कोर्ट से भी खारिज हुई जमानत
इससे पहले, सतीश चंद्र वर्मा ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में भी अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दी कि अपराध में आरोपी की महत्वपूर्ण भूमिका थी और उनके बिना आपराधिक षड्यंत्र का अंजाम देना संभव नहीं था। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद वर्मा की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।





