मुर्शिदाबाद हिंसा: चार्जशीट में 13 नाम, साजिश और सांप्रदायिक हमले का खुलासा

दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अप्रैल 2025 में वक्फ संशोधन कानून के विरोध के दौरान भड़की हिंसा मामले में पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जाफराबाद में हुई इस हिंसा में पिता-पुत्र की हत्या सहित कम से कम तीन लोगों की मौत हुई थी। भीड़ ने 113 घरों को नुकसान पहुंचाया, कई दुकानों और मॉल्स में लूटपाट और आगजनी की।

कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में हिंसा के पीछे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय पार्षद महबूब आलम की भूमिका की पुष्टि की। रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा पूर्व नियोजित थी और खासतौर पर हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया। इस दौरान पुलिस निष्क्रिय रही।

राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने 4 मई को गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में कहा कि मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर जैसे सीमावर्ती जिले कट्टरपंथ और उग्रवाद के खतरे में हैं। उन्होंने संवैधानिक विकल्पों पर विचार की सिफारिश की, हालांकि राष्ट्रपति शासन की तत्काल जरूरत से इनकार किया।

इस मामले में अब तक 100 से ज्यादा FIR दर्ज की गई हैं और 276 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। मुख्य आरोपियों में मास्टरमाइंड जियाउल हक और उसके दोनों बेटों समेत कई को ओडिशा से पकड़ा गया। 2024 की रामनवमी और 2019 के CAA विरोध के दौरान भी मुर्शिदाबाद में हिंसा हो चुकी है। 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह मामला सियासी तौर पर भी बेहद संवेदनशील बन गया है।

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