बिलासपुर में अवैध प्लाटिंग पर फिर चली नगर निगम की सख्ती, बुलडोजर की गूंज

बिलासपुर। शहर में अवैध प्लाटिंग करने वालों पर नगर निगम ने एक बार फिर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को निगम की टीम ने अशोकनगर इलाके में लगभग 1 एकड़ जमीन पर बिना अनुमति बनाई जा रही सड़क को बुलडोजर से तोड़ दिया।
नगर निगम के अनुसार, शहर में अब तक 100 से ज्यादा अवैध प्लाटिंग के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक केवल कुछ ही पर कार्रवाई हो पाई है। इस बार निगम ने बिना अनुमति के बन रही कॉलोनियों और निर्माण कार्यों पर सख्ती से बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी है।
सरकंडा बना ‘अवैध कॉलोनियों’ का हब
शहर के सरकंडा क्षेत्र के अशोकनगर, बिरकोना, मोपका, बिजौर, खमतराई और कोनी जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा अवैध प्लाटिंग हो रही है। यहां पर खेती की जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर लोगों को प्लॉट बेचे जा रहे हैं, वो भी बिना किसी सरकारी अनुमति के।
नगर निगम के भवन शाखा अधिकारी अनुपम तिवारी ने बताया कि अवैध कॉलोनियों के साथ-साथ बिना परमिशन के चल रहे निर्माण कार्यों पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पहले नोटिस भेजा गया था और फिर भी उन्होंने काम बंद नहीं किया, अब उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कॉलोनी बनाने के लिए जरूरी है लाइसेंस और मंजूरी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की कॉलोनी बनाने या व्यावसायिक निर्माण कार्य शुरू करने से पहले कॉलोनाइजर लाइसेंस लेना अनिवार्य है। साथ ही, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से मंजूरी लेना भी जरूरी है। लेकिन कई भू-माफिया इन नियमों को नजरअंदाज कर लोगों को प्लॉट बेच रहे हैं और कॉलोनी बसा रहे हैं।
नगर निगम ने कहा है कि सभी अवैध प्लाटिंग करने वालों की सूची तैयार की जा रही है, और जल्द ही पूरे शहर में इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निवासियों से अपील:
नगर निगम ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना जांचे-परखे किसी भी प्लॉट को न खरीदें। पहले यह सुनिश्चित करें कि प्लॉट वैध है और उसके सभी कागज़ात पूरे हैं।





