BREAKING: 100 से अधिक खदाने अवैध चल रही प्रदेश में, खदानों हादसो की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कराने कमेटी पहुंची कोर्ट
उमरंगसो खदान हादसे की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, सच्चाई सामने लाने की गुहार

गुवाहाटी। असम के दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो क्षेत्र में हुए रैट-होल खनन हादसे के कई महीने बाद, जिसमें नौ मजदूरों की मौत हो गई थी, जिले की सिक्स्थ शेड्यूल प्रोटेक्शन कमेटी ने असम सरकार से न्यायमूर्ति अनीमा हजारिका आयोग की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है।
समिति के संयोजक और पूर्व स्वायत्त परिषद सदस्य डेनियल लैंगथासा ने कहा कि यह हादसा छिपाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि दीमा हसाओ जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य देबोलाल गारलोसा और उनकी पत्नी कनिका होजाई पिछले कई वर्षों से इस अवैध खनन को चला रहे हैं। कनिका असम मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की स्वीकृत ग्राहक हैं।
100 से अधिक अवैध रैट-होल खदानें
लैंगथासा ने कहा कि जिले में 100 से अधिक अवैध रैट-होल खदानें चल रही थीं, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। हादसे के बाद ही यह सच्चाई सामने आई। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि एकल सदस्यीय आयोग को रिपोर्ट तैयार करने की समयसीमा दी गई थी, इसलिए अब यह रिपोर्ट जनता के हित में तुरंत सार्वजनिक की जानी चाहिए। इससे पीड़ितों को न्याय मिलेगा और असम व दीमा हसाओ की छवि भी सुधरेगी।
रहस्यमय मौतें और अपहरण के मामले सामने आए
लैंगथासा ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में जिले में कई रहस्यमय मौतें और अपहरण के मामले सामने आए हैं, लेकिन किसी भी मामले की ठीक से जांच नहीं हुई। उन्होंने विकास निधियों के दुरुपयोग और हथियारों की खुलेआम मौजूदगी पर भी चिंता जताई।
डेनियल लैंगथासा ने कहा कि उनके पिता, निंदु लैंगथासा और तत्कालीन सीईएम पूर्णेंदु लैंगथासा की हत्या वर्ष 2007 में उग्रवादियों ने की थी, और आज 18 साल बाद भी न्याय नहीं मिला है। अब वे इस मामले को सीबीआई या एनआईए को सौंपने की मांग के साथ उच्च न्यायालय जा रहे हैं।





