महाराष्ट्र में मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास गोगावले करेंगे सरेंडर, हाई कोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार

बॉम्बे हाई कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि कैबिनेट मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास गोगावले शुक्रवार तक पुलिस के सामने सरेंडर कर देंगे। विकास गोगावले रायगढ़ में महाड नगर परिषद चुनावों के दौरान हुई झड़प के मामले में फरार चल रहे थे।
यह झड़प 2 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब महाड नगर परिषद चुनावों के लिए वोटिंग चल रही थी। इस दौरान शिवसेना और एनसीपी समर्थकों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों राजनीतिक समूहों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। हालांकि पुलिस विकास गोगावले को पकड़ने में नाकाम रही, जिस पर हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई।
जस्टिस माधव जामदार ने पूछा कि गैर-जमानती वारंट और मजिस्ट्रेट की घोषणाओं के बावजूद पुलिस विकास को क्यों गिरफ्तार नहीं कर पा रही। उन्होंने चिंता जताई कि जब उनका बेटा फरार है, तब भी मंत्री कैबिनेट में बने हुए हैं। जज ने कहा कि सभी नागरिक समान हैं और कोई खास नागरिक नहीं है।
FIR में विकास गोगावले के साथ उनके चचेरे भाई महेश गोगावले और उनके समर्थकों का नाम दर्ज है। दूसरी FIR में पूर्व विधायक और एनसीपी नेता माणिक जगताप के बेटे श्रीयांश जगताप और उनके समूह के सदस्य शामिल हैं। विकास और महेश की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।
वर्तमान में दोनों फरार हैं, जबकि श्रीयांश जगताप को हाई कोर्ट ने 29 दिसंबर को अंतरिम सुरक्षा दी थी। 16 जनवरी को सुनवाई के दौरान वकील ने बताया कि विकास और महेश अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं और उनका प्रभाव काफी है।





