दहेज प्रताड़ना का मामला: मेनका केसरवानी ने पति और ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप

रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर निवासी 31 वर्षीय मेनका केसरवानी ने अपने पति अमित गुप्ता, जेठ अजय गुप्ता और देवर अर्जुन गुप्ता पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मेनका ने बताया कि 2016 में शादी के बाद शुरुआती सात महीने सब कुछ ठीक था, लेकिन इसके बाद पति ने दहेज में कम सामान लाने को लेकर ताने देने शुरू कर दिए। उन्हें “भिखारी घर से आई” जैसे अपमानजनक शब्द कहे जाते थे। छोटी-छोटी बातों पर गालियां और मारपीट होती थी, साथ ही मायके से पैसे लाने का दबाव डाला जाता था।
नशे में करता था हिंसक व्यवहार, घर से भी निकाला
मेनका ने आरोप लगाया कि उनका पति नशे की गोलियों का सेवन करता है, जिससे वह आपा खो बैठता है और हिंसक हो जाता है। कई बार गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। उनके जेठ और देवर भी इस हिंसा में साथ देते थे। 18 फरवरी को पति ने उन्हें गंदी गालियां देकर घर से निकाल दिया। इसके बाद वे अपने मायके भिलाई चली गईं और 24 फरवरी को महिला थाना दुर्ग में शिकायत दर्ज कराई।
भरण-पोषण और सुरक्षा के लिए की कानूनी कार्रवाई की मांग
मेनका ने बताया कि उनके ससुराल वालों ने उनका सामान फेंक दिया, जला दिया और कुछ कबाड़ी में बेच दिया। उन्होंने अपने 7 साल के बेटे के भरण-पोषण और अपनी सुरक्षा के लिए कानूनी मदद की मांग की है। उनके पास गाली-गलौज और प्रताड़ना की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। महिला थाना पुलिस ने धारा 85 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की पुष्टि हुई है, और दोषियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।





