छत्तीसगढ़: खनिज क्षेत्र में बड़ी पहल, चूना पत्थर, लौह अयस्क और बॉक्साइट ब्लॉकों की ई-नीलामी शुरू

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज क्षेत्र में एक बड़ी पहल की है। राज्य में चूना पत्थर, लौह अयस्क और बॉक्साइट के नए खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में मंगलवार को नवा रायपुर स्थित अटल नगर में निवेशकों के लिए प्री-बिड सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य था राज्य की समृद्ध खनिज संपदा को उद्योगों के लिए उपलब्ध कराना, स्थानीय विकास को बढ़ावा देना और पारदर्शी नीलामी के जरिए निवेशकों को आकर्षित करना।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज सचिव पी. दयानंद ने कहा कि “हमारा लक्ष्य खनिज क्षेत्र को आगे बढ़ाकर ‘विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को साकार करना है।” उन्होंने बताया कि नई खनिज नीति और औद्योगिक नीति के चलते अब छत्तीसगढ़ में खनिज आधारित उद्योगों के लिए बेहतर माहौल बन गया है।
9 खनिज ब्लॉकों की नीलामी
खनिज सचिव ने जानकारी दी कि इस बार कुल 9 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की जा रही है, जिनमें
4 चूना पत्थर
2 लौह अयस्क
3 बॉक्साइट ब्लॉक शामिल हैं।
बलौदाबाजार, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में चूना पत्थर के 200 मिलियन टन से अधिक भंडार उपलब्ध हैं, जिनमें 42% से ज्यादा कैल्शियम ऑक्साइड है। इन संसाधनों से नए उद्योगों को फायदा मिलेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
निवेशकों के लिए बेहतर अवसर
खनिज विभाग के संचालक रजत बंसल ने बताया कि ई-नीलामी की पूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है। साथ ही जिन क्षेत्रों में खनिज ब्लॉक स्थित हैं, वहां रेलवे, सड़क और श्रमिक जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मौजूद हैं, जिससे उद्योगों की स्थापना आसान और फायदे का सौदा हो सकती है।
इस अवसर पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, भूवैज्ञानिक और सरकारी अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए तैयार है, और सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।





