महाधिवक्ता कार्यालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 49 विधि अधिकारियों की नई नियुक्ति

नए महाधिवक्ता विवेक शर्मा की नियुक्ति के बाद राज्य के महाधिवक्ता कार्यालय में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। राज्य सरकार ने पूर्व में की गई सभी विधि अधिकारियों की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए नए सिरे से 49 विधि अधिकारियों की नियुक्ति की है।
नई नियुक्तियों में 6 अतिरिक्त महाधिवक्ता, 8 उप महाधिवक्ता, 17 शासकीय अधिवक्ता और 18 उप शासकीय अधिवक्ता शामिल हैं। इन सभी नियुक्तियों से संबंधित आदेश विधि एवं विधायी कार्य विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत के हस्ताक्षर से जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार, नियुक्तियां संबंधित अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।
उप महाधिवक्ता के रूप में कार्यरत प्रवीण दास और शशांक ठाकुर को पदोन्नत कर अतिरिक्त महाधिवक्ता बनाया गया है। इसके अलावा आशीष शुक्ला, यशवंत सिंह ठाकुर, राजकुमार गुप्ता और गैरी मुखोपाध्याय को भी अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि गैरी मुखोपाध्याय पूर्व में शासकीय अधिवक्ता थे और लगभग एक वर्ष पहले उन्होंने इस्तीफा दिया था, अब उनकी अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में वापसी हुई है।
अतिरिक्त महाधिवक्ता बनाए गए अधिकारियों में प्रवीण दास, आशीष शुक्ला, यशवंत सिंह ठाकुर, राजकुमार गुप्ता, गैरी मुखोपाध्याय और शशांक ठाकुर शामिल हैं। वहीं उप महाधिवक्ता के रूप में संजीव पांडे, विनय पांडे, धर्मेश श्रीवास्तव, आनंद ददारिया, डॉ. सौरभ कुमार पांडे, प्रसून कुमार भादुड़ी, दिलमन रति मिंज और सुमित सिंह की नियुक्ति की गई है। इनमें धर्मेश श्रीवास्तव, आनंद ददारिया और सुमित सिंह नए चेहरे हैं, जबकि दिलमन रति मिंज को पदोन्नति दी गई है।
इसके अलावा 17 शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है, जिनमें संतोष कुमार सोनी, अनिल कुमार पांडे, विनोद कुमार टेकाम, जितेंद्र श्रीवास्तव, विवेक कुमार वर्मा, सुनीता माणिकपुरी, अखिलेश कुमार, केशव प्रसाद गुप्ता, राहुल तमस्कर, संघर्ष पांडे, अविनाश सिंह, सुयशधर बडगैया, सब्यसाची चौबे, शैलजा शुक्ला, सुप्रिया उपासने, शालीन सिंह बघेल और प्रियांक राठी शामिल हैं।
साथ ही 18 उप शासकीय अधिवक्ताओं की भी नियुक्ति की गई है। इनमें रामनारायण साहू, आनंद गुप्ता, अतनू घोष, रोहिताश्व सिंह, कृष्णा गोपाल यादव, ऋषि राज पिठावा, अनीश तिवारी, सौम्या राय, नितांश कुमार जायसवाल, शोभित मिश्रा, अमित बख्शी, अनुराधा जैन, कंवल जीत सिंह सैनी, अनुजा शर्मा, अनुषा नायक, दीक्षा गौरहा, घनश्याम कश्यप और वैशाली महिलांगे के नाम शामिल हैं।
राज्य सरकार के इस फैसले को महाधिवक्ता कार्यालय में कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त व प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।





